गुजरात में यूसीसी को लेकर विरोध तेज, शरीयत में दखल बता जताई नाराजगी
Bareily News - गुजरात में प्रस्तावित सामान्य नागरिक संहिता (यूसीसी) के खिलाफ आल इंडिया मुस्लिम जमात ने कड़ा विरोध जताया है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसे शरीयत में हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि यूसीसी के प्रावधान कुरान के खिलाफ हैं और इसके लागू होने पर मुसलमान nationwide विरोध करेंगे।

गुजरात में प्रस्तावित सामान्य नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। आल इंडिया मुस्लिम जमात ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस पहल पर कड़ा ऐतराज जताया है। जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि यूसीसी सीधे तौर पर शरीयत में हस्तक्षेप है, जिसे मुसलमान स्वीकार नहीं करेंगे। मौलाना ने कहा कि गुजरात सरकार द्वारा विधानसभा में पेश मसौदे में कुछ ऐसे प्रावधान सामने आए हैं, जिनमें तलाक का अधिकार पुरुषों के साथ महिलाओं को देना, हलाला और इद्दत पर रोक, एक ही विवाह की अनुमति, दो बच्चों की सीमा और शादी का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन शामिल बताए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन प्रावधानों का पालन न करने वालों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है। उनके अनुसार, ये सभी बातें कुरान और हदीस के खिलाफ हैं, इसलिए मुस्लिम समुदाय इस कानून को मानने के लिए तैयार नहीं है। मौलाना रजवी ने यह भी कहा कि यह मुद्दा केवल मुसलमानों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य समुदायों को भी प्रभावित करेगा। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान, आईपीसी और विभिन्न पर्सनल लॉ पहले से लागू हैं और पिछले कई दशकों से देश में इन्हीं के आधार पर व्यवस्था चल रही है, ऐसे में यूसीसी की जरूरत नहीं है। उन्होंने 21वीं विधि आयोग की उस रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें यूसीसी को गैर-जरूरी बताया गया था और कहा कि 22वीं विधि आयोग द्वारा इस पर फिर से विचार किया जाना हैरान करने वाला है। मौलाना ने चेतावनी दी कि अगर यूसीसी लागू किया गया तो देशभर में मुसलमान इसका विरोध करेंगे। उन्होंने बताया कि धार्मिक उलेमा और बुद्धिजीवी जल्द ही अहमदाबाद में बैठक कर देशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
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