Ban on gathering crowds inside homes name Namaz High Court grants police and administration free hand to take action नमाज के नाम पर घर में भीड़ न जुटाएं, हाईकोर्ट ने पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई के लिए दी खुली छूट, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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नमाज के नाम पर घर में भीड़ न जुटाएं, हाईकोर्ट ने पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई के लिए दी खुली छूट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली में घर के भीतर नमाज अदा करने से रोकने को लेकर दाखिल याचिका निस्तारित कर दी है। कोर्ट ने नमाज के नाम पर घर में भीड़ जुटाने पर आपत्ति जताते हुए याची से ऐसा नहीं करने की अंडरटेकिंग ली।

Wed, 1 April 2026 04:41 PMDinesh Rathour प्रयागराज, विधि संवाददाता
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नमाज के नाम पर घर में भीड़ न जुटाएं, हाईकोर्ट ने पुलिस-प्रशासन को कार्रवाई के लिए दी खुली छूट

Allahabad Highcourt Order: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली में घर के भीतर नमाज अदा करने से रोकने को लेकर दाखिल याचिका निस्तारित कर दी है। कोर्ट ने नमाज के नाम पर घर में भीड़ जुटाने पर आपत्ति जताते हुए याची से ऐसा नहीं करने की अंडरटेकिंग ली। हाईकोर्ट ने बरेली प्रशासन और पुलिस को कार्रवाई के लिए खुली छूट देते हुए कहा, अगर याची अंडरटेकिंग का उल्लंघन करता है और दोबारा भीड़ जुटाता है, इलाके में शांत और कानून व्यवस्था को खतरा पैदा होता है तो पुलिस-प्रशासन कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। इसी के साथ कोर्ट ने बरेली के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को जारी अवमानना नोटिस भी निरस्त कर दिए।

यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने बरेली के तारिक खान की याचिका पर उसके अधिवक्ता राजेश कुमार गौतम, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी, एजीए समीर शंकर और स्थायी अधिवक्ता अनुभव चंद्रा को सुनकर अंतिम रूप से निस्तारित करते हुए दिया है। इससे पूर्व कोर्ट ने डीएम व एसएसपी की ओर से दाखिल हलफनामे पर संतोष जताया।

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रोजा 50 से 60 लोगों को नमाज के लिए बुलाया जा रहा

प्रशासन की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कोर्ट को तस्वीरों के साथ बताया कि याची सुरक्षा का फायदा उठाकर रोजाना 50 से 60 लोगों को नमाज़ के लिए बुला रहा है, जिससे इलाके की शांति व्यवस्था को खतरा हो सकता है। एडिशनल एडवोकेट जनरल अनूप त्रिवेदी ने हलफनामों के साथ संलग्न याची की संपत्ति की तस्वीरें प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि इसे जारी रखने की अनुमति दी जाती है तो यह क्षेत्र की शांति और सौहार्द के लिए हानिकारक होगा। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा के बहाने इसे अनुमति नहीं दी जा सकती है और जिला व पुलिस प्रशासन कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं इसलिए यदि कानून व व्यवस्था की स्थिति में कोई खतरा है तो प्रशासन व पुलिस को कार्रवाई करने का अधिकार है।

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याची के खिलाफ जारी चालान वापस लेने के निर्देश

प्रशासन के इस आरोप पर याची के वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया और अंडरटेकिंग दी कि भविष्य में याची विवादित जगह पर बड़ी संख्या में लोगों को नमाज़ के लिए इकट्ठा नहीं करेगा। इस पर कोर्ट ने याची व अन्य लोगों के खिलाफ जारी चालान तत्काल वापस लेने का निर्देश दिया। ​याची की ओर से बताया गया कि हसीन खान को कोर्ट के आदेश से जो सुरक्षा मिली थी, उसकी अब जरूरत नहीं है। इस पर कोर्ट ने पुलिस को वह सुरक्षा वापस लेने के आदेश दिए। ​कोर्ट ने सख्त टिप्पणी भी की कि याची अपनी अंडरटेकिंग का उल्लंघन करता है और इस याचिका में उल्लिखित संपत्ति पर नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा करता है एवं उससे क्षेत्र की शांति व सौहार्द के लिए कोई खतरा है तो जिला प्रशासन व पुलिस को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार है।

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