Ban on carrying flowers garlands and prasad in Dwarkadhish temple of Mathura मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में फूल, माला और प्रसाद ले जाने पर लगी रोक; जानें प्रबंधन ने क्यों लिया ये फैसला, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में फूल, माला और प्रसाद ले जाने पर लगी रोक; जानें प्रबंधन ने क्यों लिया ये फैसला

मथुरा के पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में अब श्रद्धालु किसी भी प्रकार की पूजन सामिग्री प्रसाद, फूल-माला लेकर नहीं जा सकेंगे। इन बाहरी वस्तुओं को मंदिर में ले जाकर चढ़ाने पर मंदिर प्रबंध ने रोक लगा दी है।

Sun, 5 Jan 2025 08:51 PMPawan Kumar Sharma हिन्दुस्तान, मथुरा
share
मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में फूल, माला और प्रसाद ले जाने पर लगी रोक; जानें प्रबंधन ने क्यों लिया ये फैसला

यूपी के मथुरा स्थित पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में अब श्रद्धालु किसी भी प्रकार की पूजन सामिग्री प्रसाद, फूल-माला लेकर नहीं जा सकेंगे। इन बाहरी वस्तुओं को मंदिर में ले जाकर चढ़ाने पर मंदिर प्रबंध ने रोक लगा दी है। पुष्टि संप्रदाय के मंदिर में ठाकुरजी का किसी भी बाहरी वस्तु का भोग न लगाने तथा बाजार से लाए गए फूल-माला न चढ़ाने की परंपरा है। लेकिन द्वारकाधीश मंदिर के बाहर फूल विक्रेता फूल-माला की बिक्री करते थे। श्रद्धालु यहां से फूल माला और प्रसाद खरीद कर ले जाते थे। लेकिन उक्त फूलमाला ठाकुरजी तक नहीं पहुंच पाते थे। श्रद्धालु दर्शन के वक्त उनको मंदिर के सामने गैलरी में चढ़ा देते थे। इसी तरह बाहर से लाने वाला प्रसाद भी ठाकुरजी को नहीं धराया जाता था।

मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर गोस्वामी 108 डॉ. वागिश कुमार महाराज तृतीय पीठाधीश्वर कांकरोली नरेश की आज्ञा से अब मंदिर में किसी भी प्रकार की वस्तु जैसे कि प्रसाद, फूल, माला इत्यादि का लेकर आना पूर्णता प्रतिबंधित कर दिया गया है, क्योंकि पुष्टिमार्ग संप्रदाय एक ऐसा संप्रदाय है जिसमें ठाकुर जी को बाहर की किसी वस्तु का भोग नहीं धराया जाता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मुरादाबाद के बंद पड़े जैन मंदिर को बनाया जाएगा लाइब्रेरी, DM ने दिए सफाई के आदेश
ये भी पढ़ें:बांके बिहारी मंदिर जाने से पहले पढ़ लें एडवाइजरी, प्रबंधन ने की खास अपील

पुष्टिमार्ग संप्रदाय में ठाकुर जी को जो भोग लगता है उसे बगैर सिले हुए वस्त्र पहन के अपरस में तैयार कराया जाता है। मंदिर के अंदर यह प्रसाद तैयार होता है और उसे ठाकुर जी को धराया जाता है। मान्यता यह है कि कोई भी वस्तु जो पब्लिक की नजरों के सामने से जाती है और पब्लिक की नजर पड़ने पर अगर उन्हें यह महसूस होता है कि यह प्रसाद बहुत अच्छा है तो ठाकुर जी उसे ग्रहण नहीं करते। यह परंपरा काफी पुरानी है, लेकिन मंदिर में एक प्रचलन ऐसा हो गया था कि श्रद्धालु बाहर से कोई प्रसाद या फूल माला लेकर पहुंच रहे थे। परंतु, उसे ठाकुर जी पर कभी चढ़ाया नहीं जाता था। अर्थात उनके लाने का कोई अर्थ नहीं था, लेकिन काफी समय से यह सब चल रहा था। प्रशासन का बार-बार यही कहना था कि जब आपके यहां प्रसाद या फूल माला नहीं चढ़ाया जाता है तो इसकी मनाही का बोर्ड लगवा दीजिए। प्रशासन के सहयोग से इस प्रकार की व्यवस्था की गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गौरीशंकर मंदिर की खुदाई से निकलीं खंडित मूर्तियां, 44 साल से बंद था गर्भगृह

उन्होंने बताया कि ठाकुरजी को धारण कराए जाने वाली फूल माला भी मंदिर के फूल घर में तैयार होती है। उस फूल घर में फूल बगीचे से आते हैं। फूलों को पूर्ण रूप से शुद्ध करने के बाद माला बनती है और वह माला व फूल ठाकुर जी को धराएं जाते हैं। मंदिर के विधि सलाहकार ने फूल माला विक्रेताओं से निवेदन किया है कि वे इस प्रकार से इस प्रसाद एवं फूलमाला की बिक्री बंद कर दें, जिससे की श्रद्धालुओं के आने में किसी तरह की दिकक्त न हो।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।