आजम खां को डबल झटका, प्रशासन की जांच रिपोर्ट कोर्ट में तलब, धोखाधड़ी में आरोप भी तय
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां को बुधवार को डबल झटका लगा। एक तरफ जौहर विश्वविद्यालय की जमीन के मामले में प्रशासन की जांच रिपोर्ट कोर्ट में तलब हो गई है तो दूसरी तरफ धोखाधड़ी में उन पर और पत्नी पर आरोप तय हो गए हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां को बुधवार को डबल झटका लगा है। आजम खां और उनकी पत्नी तथा पूर्व शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा पर दर्ज एक मुकदमे में अदालत ने बुधवार को आरोप तय (चार्जफ्रेम) कर दिए हैं। अदालत ने दोनों पर धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र के आरोप तय किए हैं। इसके साथ ही, गवाहों को तलब करते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 नवंबर की तारीख तय की है। वहीं, जौहर यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की जमीन कब्जाने के 27 मामलों में जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश किए जाने के अभियोजन के प्रार्थना पत्र को अदालत ने बुधवार को मंजूर कर लिया है। कोर्ट में अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी।
अजीमनगर थाने में आलियागंज निवासी किसान हनीफ, जुम्मा, कल्लन, यासीन, रफीक, बंदे अली, नब्बू, भुल्लन, शरीफ, मुस्तकीन, अमीर आलम, नामे अली, अबरार, नजाकत, मतलूब, असरार, मोहम्मद आलिम, जाकिर की ओर से 27 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। यह सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। जिनका ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है।
पिछली तारीख पर अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसमें कहा गया कि इन मुकदमों से पूर्व प्रशासन ने जांच कराई थी, जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद ही एफआईआर दर्ज हुई थीं। इस दौरान राजस्व निरीक्षक मनोज कुमार का बयान भी दर्ज हो चुका है, जो आगे जारी है। इस आधार पर अभियोजन पक्ष ने प्रशासन की जांच रिपोर्ट को पत्रावली में शामिल करने का अनुरोध किया था। बचाव पक्ष की ओर से इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। बुधवार को अदालत ने बचाव पक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए अभियोजन पक्ष के प्रार्थना पत्र को मंजूरी दे दी और प्रशासन की जांच रिपोर्ट को पत्रावली पर पेश करने के आदेश जारी कर दिए।
यतीमखाना प्रकरण में गवाह पेश, जिरह जारी
रामपुर। सपा नेता आजम खां के खिलाफ शहर कोतवाली में दर्ज यतीमखाना प्रकरण में बुधवार को गवाह करीम एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में पेश हुआ। जिससे अभियोजन की ओर से जिरह की गई। एडीजीसी सीमा सिंह राणा ने बताया कि जिरह पूरी नहीं हो सकी है। इस केस में अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी।
एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में पत्नी संग पेश हुए आजम
वहीं, आजम खां और उनकी पत्नी तथा पूर्व शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा पर दर्ज एक मुकदमे में अदालत ने बुधवार को आरोप तय (चार्जफ्रेम) कर दिए हैं। अदालत ने दोनों पर धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र के आरोप तय किए हैं। इसके साथ ही, गवाहों को तलब करते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 नवंबर की तारीख तय की है।
मालूम हो कि वर्ष 2020 में तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी प्रेम सिंह ने शहर कोतवाली में आजम खां और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि यतीमखाना में बने रामपुर पब्लिक स्कूल को ग्रीन बेल्ट पर बनाया गया और स्कूल की मान्यता लेने में फर्जीवाड़ा किया गया है। इस स्कूल की मान्यता के लिए आरपीएस की दूसरी ब्रांच के लिए जारी एनओसी का इस्तेमाल किया गया है। इस केस का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है।
बुधवार को पत्रावली वास्ते चार्जफ्रेम पर लगी थी, जिसके लिए आरोपी आजम खां और उनकी पत्नी तजीन फात्मा कोर्ट में पेश हुए। एपीओ स्वदेश शर्मा ने बताया कि अदालत ने आजम खां और तजीन फात्मा पर लगे आईपीसी की धारा 420 और 120 बी के तहत आरोप तय कर दिए। साथ ही गवाहों को तलब करते हुए 13 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है।




साइन इन