आजम खां की गाड़ी रोकी गई, बोले- मेरे लोग बताकर मुसाफिरों को परेशान कर रही पुलिस
सीतापुर जेल से रिहा होते ही आजम खां अपने पुराने अंदाज में दिखाई दिए। शेरो शायरी सुनाने लगे। वहां से करीब छह घंटे की यात्रा कर अपने गृह जिले रामपुर पहुंचे तो पुराना वाला तेवर भी दिखाई दिया। कहा कि पुलिस मेरे लोगों का हवाला देकर मुसाफिरों को बेवजह परेशान कर रही है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां 23 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहा हुए और रामपुर पहुंचते ही पुलिस से विवाद हो गया। आजम खां का काफिला रामपुर की सीमा में जैसे ही दाखिल हुआ, पुलिस ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। इससे उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई। आजम खां ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि पुलिस मेरे लोगों का हवाला देकर मुसाफिरों को बेवजह परेशान कर रही है।
आजम खां दोपहर 12:20 बजे सीतापुर जेल से रिहा हुए और दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ रामपुर के लिए रवाना हुए। रामपुर सीमा पर पहुंचते ही पुलिस ने उनके काफिले की जांच शुरू की और केवल तीन गाड़ियों को आगे बढ़ने की अनुमति दी। उनके काफिले की पीछे आ रही कारों, जिनमें मीडिया की गाड़ियां भी शामिल थीं, रोक दिया गया।
आजम खां ने एबीपी न्यूज से बातचीत में पुलिस की कार्रवाई को अनुचित ठहराया और कहा कि यह सब मुझे और मेरे समर्थकों को परेशान करने का तरीका है। मेरे लोग बताकर आम मुसाफिरों को तंग किया जा रहा है। उनके समर्थकों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण की गई। सीतापुर में भी जेल के बाहर नो पार्किंग जोन में खड़ी कई गाड़ियों का चालान किया गया था।
तीन घंटे का सफर तय करने में लग गया छह घंटे का वक्त
सीतापुर से रामपुर की करीब 240 किलोमीटर दूरी तय करने में कार से अमूमन तीन घंटा लगते हैं लेकिन, सपा नेता आजम खां को रिहाई के बाद इस दूरी को तय करने में छह घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगा। जगह-जगह समर्थकों द्वारा स्वागत लोगों की भीड़ इसकी वजह बनी।
आजम खां को मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा किया गया। इससे पहले ही जेल के बार समर्थकों की भीड़ जुट गई थी। आजम के दोनों बेटों के साथ ही रामपुर के सपाइयों से लेकर सीतापुर व दूसरे जनपदों के तमाम समर्थक जेल के बाहर जुटे हुए थे। जब आजम खां जेल से रामपुर के लिए रवाना हुए तो करीब छह दर्जन गाड़ियों का काफिला वहां से उनके साथ चला। जैसे-जैसे आजम का कफिला आगे बढ़ा, समर्थकों के वाहनों भी इस काफिले में बढ़ते गए।
जगह-जगह स्वागत हुआ तो दूर तक जाम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जगह-जगह काफिले के वाहनों को रोका गया। जिस पर सपाइयों ने नाराजगी भी जाहिर की। बरेली से आजम निकले तो फतेहगंज, मीरगंज, मिलक, धमोरा से लेकर रामपुर तक जगह-जगह स्वागत किया गया। यही वजह रही कि आजम खां को सीतापुर से रामपुर पहुंचने में छह घंटे लग गए।
पुलिस ने बहुत परेशान किया : अजय
सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर ने बताया कि जगह-जगह पुलिस ने बहुत परेशान किया। सीतापुर में हमारे लोगों के वाहनों के चालान किए गए। बरेली में वाहनों को रोक दिया। मिलक में भी बाईपास पर वाहनों को रोका गया। रामपुर आए तो पनवड़िया क्रासिंग से पहले ही जीरो प्वाइंट पर वाहनों को रोका गया। इसीलिए रामपुर आने में छह घंटे लग गए।




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