Azam Khan escapes jail time again; acquitted in hate speech case, SP leader gets another reprieve फिर जेल जाने से बचे आजम खां; भड़काऊ भाषण केस में बाइज्जत बरी, सपा नेता को एक और राहत, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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फिर जेल जाने से बचे आजम खां; भड़काऊ भाषण केस में बाइज्जत बरी, सपा नेता को एक और राहत

समाजवादी पार्टी के महासचिव आजम खां को मंगलवार को बड़ी राहत मिल गई। भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया है। पुलिस की तरफ से उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं दिया जा सका। इसके साथ ही कोर्ट ने विवेचक के खिलाफ पर कार्रवाई  का आदेश दिया है।

Tue, 11 Nov 2025 02:54 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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फिर जेल जाने से बचे आजम खां; भड़काऊ भाषण केस में बाइज्जत बरी, सपा नेता को एक और राहत

समाजवादी पार्टी के सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां एक बार फिर जेल जाने से बच गए हैं। भड़काऊ भाषण के मामले में अदालत ने उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया है। इससे आजम खां को बड़ी राहत मिल गई है। आजम के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में भड़काऊ भाषण का मामला दर्ज किया गया था। इस केस में पिछले दिनों दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई थी। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें साक्ष्यों के अभाव में आजम को आरोपों से दोषमुक्त करते हुए विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उधर, कोर्ट से बरी होते ही आजम खां ने शुक्रिया अदा किया। यह भी कहा कि अभी पहले केस में बरी हुए हैं।

आजम खां वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में सपा के प्रत्याशी थे। इस दौरान सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में उन्होंने 23 अप्रैल को चुनावी सभा की थी। इसके अगले दिन यानी 24 अप्रैल 2019 को सहायक रिटर्निंग आफीसर एवं तत्कालीन एसडीएम सदर प्रेम प्रकाश तिवारी ने सिविल लाइंस कोतवाली में आजम खां के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप है कि इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग पर तल्ख टिप्पणी की थीं साथ ही मतदाताओं को भी उकसाया था।

बाद विवेचना पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जिसका ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चला। दोनों पक्षों की बहस पहले ही पूरी हो चुकी है। मंगलवार को पत्रावली निर्णय पर लगी थी, जिसके लिए सपा नेता आजम खां कोर्ट में पेश हुए। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए साक्ष्यों के अभाव में आजम खां को बरी कर कर दिया। साथ ही विवेचना में लापरवाही बरतने में विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

करीब तीन साल तक जेल में रहने के बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह में आजम को सभी मामलों में जमानत मिली थी और जेल से बाहर आ सके थे। इसके बाद अब सबसे बड़ी राहत मिली है। उनके ऊपर कई दर्जन मामले दर्ज हैं और अलग अलग कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। कई मामलों में सजा भी हो चुकी है। यह पहला मामला है जिसमें आजम को बरी किया गया है।

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