Global Fuel Crisis Hits Ayodhya Temples Amid Iran-Israel-US Conflict गैस आपूर्ति संकट-रामनगरी के मंदिरों में लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा भगवान का भोग-प्रसाद, रामनवमी मेले से पहले बढ़ी चिंता, Ayodhya Hindi News - Hindustan
More

गैस आपूर्ति संकट-रामनगरी के मंदिरों में लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा भगवान का भोग-प्रसाद, रामनवमी मेले से पहले बढ़ी चिंता

Ayodhya News - ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध के कारण अयोध्या के मंदिरों में ईंधन गैस की किल्लत हो गई है। अधिकांश मंदिरों में भगवान का भोग और साधु-संतों का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है। रामनवमी महापर्व से पहले यदि यह संकट हल नहीं हुआ तो श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

Sun, 15 March 2026 04:18 PMNewswrap हिन्दुस्तान, अयोध्या
share
गैस आपूर्ति संकट-रामनगरी के मंदिरों में लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा भगवान का भोग-प्रसाद, रामनवमी मेले से पहले बढ़ी चिंता

अयोध्या | संवाददाता। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध के चलते उत्पन्न हुए तेल व प्राकृतिक गैस के वैश्विक आपूर्ति संकट की आँच अब रामनगरी अयोध्या के मंदिरों तक पहुँच गई है। ईंधन गैस की किल्लत के कारण अधिकांश मंदिरों में भगवान का भोग-प्रसाद और साधु-संतों का भोजन लकड़ी के परंपरागत चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है। यह हाल तब है जब मंदिरों में मध्याह्न राजभोग के रूप में भगवान के लिए संपूर्ण भोजन प्रसाद बनाया जाता है, सायंकाल दूध व अन्य पेय पदार्थों का भोग लगाया जाता है, जबकि प्रातःकाल बालभोग में पोहा, चना या विशेष नाश्ता तैयार होता है।

साधु-संतों व परिकरों के लिए दोपहर के शेष भोजन के अतिरिक्त एक दाल या सब्जी बनाई जाती है।मंदिर प्रमुखों ने बताया हाल मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा,' भगवान का काम भगवान के भरोसे चल रहा है। जब यह संकट सर्वत्र है तो हम कैसे अछूते रह सकते हैं। पहले भी रोटी सेंकने के लिए लकड़ी का चूल्हा जलता था, अब वही अभ्यास काम आ रहा है।' उन्होंने कहा कि यही कारण है कि कहावत बनी है ,'पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं।'राम हर्षण कुंज के व्यवस्थापक राघव दास ने बताया कि मंदिर में करीब सवा सौ साधु-संत व परिकर हैं और भगवान के भोग सहित सभी के लिए भोजन प्रसाद अब लकड़ी के चूल्हे पर ही बन रहा है। जानकी महल के लेखाकार रामकुमार शर्मा ने भी इस संकट की पुष्टि करते हुए बताया कि मंदिर में भोजन प्रसाद बनाने के लिए लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।लक्ष्मण किला के अधिकारी सूर्यप्रकाश शरण ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, 'अभी किसी तरह काम चल रहा है, लेकिन रामनवमी मेले में स्थिति विकट हो सकती है।' उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु दो से तीन सौ के समूह में खाद्य सामग्री व बर्तन साथ लाते हैं, किंतु गैस सिलेंडर उन्हें यहीं से उपलब्ध कराया जाता रहा है। संकट की इस घड़ी में उनकी व्यवस्था कर पाना बड़ी चुनौती बन गया है।रामनवमी से पहले समाधान की दरकारचैत्र नवरात्र के प्रथम दिन से ही मंदिरों में कथावाचकों के प्रवचन, धार्मिक अनुष्ठान और नवसांवत्सरिक उत्सव शुरू हो गए हैं। ऐसे में यदि गैस आपूर्ति का यह संकट शीघ्र नहीं सुलझा तो रामनवमी महापर्व पर लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।