कॉकपिट खोलने की कोशिश, विमान हाईजैक की आशंका, 11 घंटे बाद सभी नौ युवकों की रिहाई
बंगलुरु से वाराणसी आ रहे विमान का कॉकपिट खोलने की कोशिश करने के बाद हाईजैक की आशंका में हिरासत में लिए गए युवकों को 11 घंटे बाद छोड़ दिया गया है। वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर विमान के लैंड करने के बाद सभी से घंटों पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ की।

एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान एक बार फिर सोमवार को संकट में फंसी दिखाई दी। बेंगलुरु से वाराणसी के लिए उड़े विमान में सवार दो यात्रियों ने बीच सफर में कॉकपिट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया। इस हरकत पर पायलट ने तत्काल वाराणसी एटीसी से संपर्क कर हाईजैक की आशंका जाहिर की। इसके बाद विमान को निर्धारित समय से लगभग 20 मिनट पहले बाबतपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतार लिया गया। यहां दोनों यात्रियों के साथ ही विमान में सवार उनके सात अन्य साथियों को हिरासत में ले लिया गया। 11 घंटे तक सभी युवकों से पूछताछ चलती रही। पुलिस के अधिकारियों के साथ ही खुफिया जांच एजेंसियों के अधिकारी भी पहुंचे और पूछताछ की। उनके बताए पते से वैरिफिकेशन कराया गया। इसके बाद रात नौ बजे सभी को छोड़ा गया।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान आईएक्स 1086 ने बेंगलुरु से 163 यात्रियों को लेकर सोमवार सुबह 8:45 बजे उड़ान भरी। इसे सुबह 10:45 बजे वाराणसी पहुंचना था। वाराणसी पहुंचने से कुछ देर पहले दो लोग कॉकपिट के पास पहुंचे और इसका दरवाजा खोलने की कोशिश की। इनमें से एक ने दरवाजे पर लगे पैनल पर पासकोड दबाया, जो संयोग से सही था। इसके बाद केबिन के अंदर पायलट को रिंग सुनाई दी। उसने स्क्रीन पर दो अनजान लोगों को देखा और वाराणसी एटीसी से संपर्क कर इसकी जानकारी दी।
इस सूचना के बाद बाबतपुर हवाईअड्डे पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और आननफानन में रनवे को क्लीयर कराया गया। इसके बाद विमान की निर्धारित समय से पहले 10:22 बजे लैंडिंग करा दी गई। इसी दौरान पायलट ने क्रू मेंबर को भी यह बताया तो उसने दोनों को अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा। इसी बीच इनके साथ सफर कर रहे अन्य लोग भी कॉकपिट के पास पहुंच गए, जिससे अन्य यात्रियों में खलबली मच गई और वे सहम गए।
विमान के लैंड करते ही सुरक्षा अधिकारियों ने संदेह के आधार पर नौ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां भी पूछताछ के लिए पहुंच गईं। अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिये गए लोगों से एयरपोर्ट के लाउंज में ही घंटों पूछताछ हुई। पता चला कि ये सभी बेंगलुरु में ऑटो चलाते हैं और दर्शन करने के लिए वाराणसी आ रहे थे। इनमें से एक को टॉयलेट जाना था, लेकिन वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश करने लगा। अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि यात्री ने गलती से पासकोड दबाया और यह संयोग से सही हो गया। सभी का बेंगलुरु से वैरिफिकेशन कराया गया। सबकुछ सही मिलने पर रात नौ बजे छोड़ दिया गया।




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