Attempt to erase Varanasi s identity with bulldozers, Priyanka Gandhi slams authorities over Manikarnika Ghat demolition बुलडोजर से बनारस की पहचान मिटाने की कोशिश, मणिकर्णिका को लेकर बरसीं प्रियंका गांधी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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बुलडोजर से बनारस की पहचान मिटाने की कोशिश, मणिकर्णिका को लेकर बरसीं प्रियंका गांधी

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलाने और अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने का आक्रोश सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से दिखाई दे रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी इसे लेकर सरकार पर बरसीं हैं।

Fri, 16 Jan 2026 08:22 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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बुलडोजर से बनारस की पहचान मिटाने की कोशिश, मणिकर्णिका को लेकर बरसीं प्रियंका गांधी

वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर सुंदरीकरण के नाम पर बुलडोजर एक्शन से जबरदस्त उबाल है। सोशल मीडिया पर मामला छाया हुआ है। पूरे देश से इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही यूपी की योगी और केंद्र की मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। यूपी की प्रमुख विपक्षी समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बाद कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी इसे लेकर सरकार को घेरा है। प्रियंका गांधी ने तो यहां तक कहा कि बुलडोजर चलाकर बनारस की पहचान मिटाने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे ने कहा कि भोंडे सौंदर्यीकरण और व्यवसायीकरण के नाम पर आपने बनारस के मणिकर्णिका घाट में बुलडोज़र चलवाकर सदियों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को ध्वस्त कराने का काम किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर प्रियंका गांधी ने मणिकर्णिका घाट पर हो रही तोड़फोड़ का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि बनारस में मणिकर्णिका घाट पर बुल्डोजर चलाकर सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को ध्वस्त करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मणिकर्णिका घाट और इसकी प्राचीनता का धार्मिक महत्व तो है ही, इससे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की स्मिृतियां भी जुड़ी हैं।

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विकास के नाम पर, चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए, देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है। इसके पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदी पुराने अनेक मंदिर ध्वस्त किए जा चुके हैं। काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान मिटाने की ये साजिशें तत्काल बंद होनी चाहिए।

पहले मंदिर तोड़े अब प्राचीन घाट की बारी

वहीं खरगे ने लंबी पोस्ट के जरिये सरकार पर निशाना साधा। कहा कि आप चाहतें हैं कि इतिहास की हर धरोहर को मिटाकर बस अपना नेम-प्लेट चिपका दिया जाए। पहले कॉरिडोर के नाम पर छोटे-बड़े मंदिर और देवालय तोड़े गए और अब प्राचीन घाटों की बारी है। गुप्त काल में वर्णित जिस मणिकर्णिका घाट, जिसका लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी ने पुनरुद्धार करवाया उस दुर्लभ प्राचीन धरोहर को आपने Renovation के बहाने तुड़वाने का अपराध किया है।

काशी, दुनिया का प्राचीनतम शहर अध्यात्म, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास का ऐसा संगम है जो पुरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करता है। क्या इस सब के पीछे फिर से व्यावसायिक मित्रों को फ़ायदा पहुंचाने की मंशा है? जल, जंगल, पहाड़, सब आपने उनके हवाले किए हैं, अब सांस्कृतिक विरासत की बारी आ गई है।

विकास के नाम पर, चंद लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए, देश की धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है। इसके पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदी पुराने अनेक मंदिर ध्वस्त किए जा चुके हैं। काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान मिटाने की ये साजिशें तत्काल बंद होनी चाहिए।

पहले मंदिर तोड़े अब प्राचीन घाट की बारी

वहीं खरगे ने लंबी पोस्ट के जरिये सरकार पर निशाना साधा। कहा कि आप चाहतें हैं कि इतिहास की हर धरोहर को मिटाकर बस अपना नेम-प्लेट चिपका दिया जाए। पहले कॉरिडोर के नाम पर छोटे-बड़े मंदिर और देवालय तोड़े गए और अब प्राचीन घाटों की बारी है। गुप्त काल में वर्णित जिस मणिकर्णिका घाट, जिसका लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी ने पुनरुद्धार करवाया उस दुर्लभ प्राचीन धरोहर को आपने Renovation के बहाने तुड़वाने का अपराध किया है।

काशी, दुनिया का प्राचीनतम शहर अध्यात्म, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास का ऐसा संगम है जो पुरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करता है। क्या इस सब के पीछे फिर से व्यावसायिक मित्रों को फ़ायदा पहुंचाने की मंशा है? जल, जंगल, पहाड़, सब आपने उनके हवाले किए हैं, अब सांस्कृतिक विरासत की बारी आ गई है।

खरगे ने जनता की तरफ से पूछे दो सवाल

उन्होंने देश की जनता की तरफ से सरकार से दो सवाल पूछ लिए। पहला पूछा कि जीर्णोद्धार, साफ़-सफ़ाई और सौंदर्यीकरण विरासत को सहेज कर भी हो सकता था? पूरे देश को याद है संसद परिसर से आपकी सरकार ने किस तरह से महात्मा गाँधी, बाबासाहेब आंबेडकर समेत भारत की महान हस्तियों की प्रतिमाओं को बिना किसी राय-मशवरे के एक कोने में रखवा दिया। जलियाँवाला बाग़ मेमोरियल की दीवारों से इतिहास से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को इसी Renovation के नाम पर मिटाया गया।

दूसरा सवाल किया कि मणिकर्णिका घाट में बुलडोज़र का शिकार बनी सैंकड़ों साल पुरानी मूर्तियों पर कुल्हाड़ी चलाकर उन्हें मलबे में क्यों डाला गया, किसी म्यूजियम में संभाल कर रखा जा सकता था? आपने दावा किया था “माँ गंगा ने बुलाया है” आज आपने मां गंगा को भुला दिया है। बनारस के घाट बनारस की पहचान हैं। क्या आप इन घाटों को जनता की पहुंच से दूर करना चाहते हैं? लाखों लोग हर वर्ष काशी मोक्ष प्राप्ति के लिए अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में आते हैं। क्या आपकी मंशा इन श्रद्धालुओं से विश्वासघात करने की है?

अविनाशी काशी बनेगी भाजपा के विनाश का कारण

इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि राजमाता, पुण्यश्लोक, धर्मरक्षिका पूजनीय देवी अहिल्याबाई होल्कर जी की मूर्ति के अपमान व उनकी सनातनी काशी-विरासत के प्रति तिरस्कार पूर्ण कार्रवाई को कोई भी सच्चा आस्थावान नहीं सहेगा। भाजपाई ये सब काम सिर्फ पैसा कमाने के लिए कर रहे हैं, उनको न काशी से मतलब है न काशीवासियों से, न उनसे जुड़े किसी ऐतिहासिक महान व्यक्तित्व से। अविनाशी काशी ही भाजपा के विनाश का कारण बनेगी।

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