बरेली में संभल 2.O की कोशिश; बवाल के लिए बाहर से भी बुलाए गए थे उपद्रवी, पूछताछ में कई खुलासे
संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण दौरान फैली हिंसा के बाद जांच में पता चला था कि उपद्रवी बाहर से बुलाए गए थे। अब बरेली में भी उसी तरह का मामला सामने आया है। यहां भी उपद्रवी बाहर से बुलाए गए थे। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में कई खुलासे हो रहे हैं।

संभल की तरह बरेली में बाहर से उपद्रवी बुलाए गए थे। पुलिस का दावा है कि शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद किया गया बवाल सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। भगदड़ के बाद मौके से तमंचा, चाकू, कारतूस के खोखे और बोतलों के टुकड़े बरामद हुए हैं, जिनसे पेट्रोल की गंध आ रही थी। समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया, वरना उपद्रवियों ने बड़ी वारदात की साजिश रची हुई थी। नवंबर में संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान फैली हिंसा के बाद भी इसी तरह की रिपोर्ट आई थी।
शनिवार को डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने संयुक्त प्रेसवार्ता की। इस दौरान एसएसपी ने बताया कि खलील तिराहे पर बड़ी तादाद में भीड़ पहुंची थी और इस्लामिया ग्राउंड जाने की कोशिश कर रही थी। उन्हें समझाकर वापस जाने को कहा गया लेकिन वे उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव व फायरिंग कर दी। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया। उपद्रव के लिए व्हाट्सएप मैसेज, कॉल और वीडियो के जरिये स्थानीय लोगों के साथ ही बाहरी उपद्रवी भी बुलाए गए थे।
गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल से इसके साक्ष्य मिले हैं। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल समेत अन्य जानकारी भी निकाली जा रही है कि कौन-कौन इस साजिश का हिस्सा था। इसके अलावा मौलाना तौकीर रजा का वीडियो वायरल होने के बाद भी तमाम लोग इस्लामिया ग्राउंड जाने की फिराक में जगह-जगह से सिविल लाइंस क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश कर रहे थे।
सुनियोजित थी साजिश, तमंचा, चाकू व पेट्रोल बम के अवशेष बरामद
एसएसपी ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल से तमाम चीजें बरामद की हैं। इनमें एक तमंचा, एक चाकू, कारतूस के खोके और ईंट-पत्थरों के अलावा बोतलों के टुकड़े शामिल हैं। बोतल के टुकड़ों से पेट्रोल की गंध आ रही थी, जिससे साफ होता है कि उन्हें बवाल में पेट्रोल बम के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए लाया गया था। पुलिस ने बताया कि बाहरी उपद्रवियों को बुलाकर इन वस्तुओं का इस्तेमाल कर बड़ा बवाल कराने की तैयारी थी लेकिन सतर्कता के चलते बड़ी घटना होने से बच गई।
व्हाट्सएप पर मौलाना के संपर्क में था नदीम, भेजे भड़काऊ मैसेज
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां की पुलिस तलाश कर रही है। 25 सितंबर की रात कार्यक्रम रद्द की अपील जारी करने के बाद वह अपने बयान से मुकर गया। अपील के कुछ देर बाद ही उसने इसे फर्जी करार देते हुए व्हाट्सएप ग्रुपों में भड़काऊ मैसेज भेजकर शुक्रवार को इस्लामिया में भीड़ बुलाने का काम शुरू कर दिया।
यह भी जानकारी में आया है कि वह पूरे समय व्हाट्सएप कॉल के जरिये मौलाना तौकीर रजा के संपर्क में रहा। उसकी आईपीडीआर (इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड) से इसकी पुष्टि हो गई है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं। जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अनीस ने बांटे पर्चे...इंतजाम के साथ पहुंचो इस्लामिया ग्राउंड
पार्षद व आईएमसी के महानगर अध्यक्ष अनीस सकलैनी ने सुबह बवाल का इंतजाम करने के लिए भड़काऊ पर्चे बांटे और जब भीड़ बेकाबू हो गई तो वह पुलिस का मित्र बनकर चेहरा चमकाने के लिए श्यामगंज चौराहे पर पहुंच गया। काफी देर तक पुलिस के साथ रहकर वह भीड़ को रोकने का दिखावा भी करता था। मगर उसका खेल खुल गया और पुलिस ने जेल भेज दिया।
मौलाना तौकीर रजा द्वारा प्रदर्शन की घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन इसे टालने की कोशिश में जुट गया। काफी हद तक अफसर इसमें कामयाब भी हुए और 25 सितंबर की रात काफी लंबी वार्ता के बाद मौलाना तौकीर की सहमति से आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां और महानगर अध्यक्ष अनीस सकलैनी समेत पांच-छह लोगों के हस्ताक्षर से एक पत्र जारी कराकर लोगों से जुमे की नमाज के बाद होने वाले प्रदर्शन रद्द होने की घोषणा के साथ ही इस्लामिया न पहुंचने की अपील की गई। यह पत्र खबरों का हिस्सा बना तो आरोपी बौखला गए और फिर अनीस सकलैनी की ओर से शुक्रवार तड़के पर्चे लिखवाकर बांटे गए। इन पर्चों में लिखा था कि वह मौलाना तौकीर रजा के आदेश पर सभी से इस्लामिया ग्राउंड पहुंचने की अपील करता है।
कार्यक्रम की जो घोषणा की गई थी, वह वैसे ही रहेगी। डीएम और एसएसपी ने मिल्लत के अधिकारियों के इस्ताक्षर से जो पत्र जारी कराया है, वह फर्जी है। सब लोग ज्यादा से ज्यादा तादात में अपने इंतजाम के साथ इस्लामिया ग्राउंड पहुंचें। सकलैननगर व हजियापुर की जिम्मेदारी वार्ड 62 के अध्यक्ष मुबीन कुरैशी, नईम कुरैशी और फैजान कुरैशी की होगी। वह खुद पुराना शहर की जनता को लेकर लाएगा। एकता का परिचय देकर प्रदेश की योगी सरकार को अपनी ताकत का परिचय देना है।
अनीस के साथ मौलाना को शरण देने वाला भी गिरफ्तार
बारादरी पुलिस ने शनिवार को आईएमसी के महानगर अध्यक्ष व पार्षद चक महमूद निवासी अनीस सकलैनी, फाइक इंक्लेव निवासी फरहत खां, उसका बेटा मोईन अली और सूफी टोला के आजम को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। फरहत और मोईन ने अपने मकान में मौलाना तौकीर को शरण दी थी। शुक्रवार देर रात पुलिस ने उसके घर से ही गिरफ्तार किया। इसी वजह से उन दोनों को मुकदमे में नामजद कर जेल भेजा गया है।




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