यूपी के 14 शहरों में अब नहीं बनेंगे अमृत सरोवर, इस वजह से ड्रॉप कर दिया गया प्लान
यूपी में अमृत-दो में काम स्वीकृत किए जा रहे हैं। इन कामों को मंजूरी देने के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में SLTC का गठन किया गया है। इसमें निकायवार आने वाले प्रस्तावों को रखा जाता है। समिति की बैठक में विचार-विमर्श के बाद इन प्रस्तावों को मंजूर किया जाता है।
Amrit Sarovar: उत्तर प्रदेश के 14 शहरों बरेली, फतेहपुर, बदायूं, बिजनौर, गाजियाबाद, कानपुर देहात, कानपुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रामपुर, सहारनपुर, हमीरपुर और बुलंदशहर में 20 अमृत सरोवर बनाने के प्रस्ताव को ड्राप (खारिज) कर दिया गया है। इन योजनाओं को पहले स्वीकृत किया गया था, लेकिन प्रमुख सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय तकनीकी (एसएलटीसी) की बैठक में इन प्रस्तावों को खारिज किया गया है। इसके लिए तर्क दिया गया है कि अन्य योजनाओं से यहां काम पहले स्वीकृत है।
प्रदेश में मौजूदा समय अमृत-दो में काम स्वीकृत किए जा रहे हैं। इन कामों को मंजूरी देने के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में एसएलटीसी का गठन किया गया है। इसमें निकायवार आने वाले प्रस्तावों को रखा जाता है। समिति की बैठक में विचार-विमर्श के बाद इन प्रस्तावों को मंजूर किया जाता है।
अमृत-दो में जलापूर्ति, सीवर और पार्क निर्माण के साथ ही अमृत सरोवर योजना का निर्माण किया जाना है। इसमें तालाबों का सौंदर्यीकरण कराने के साथ इसके आसपास पार्क विकसित किया जाता है, जिससे यहां आने वालों को सुखद अनुभव हो सके। प्रमुख सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में हाल ही में एसएलटीसी की बैठक हुई थी। इसमें इन 14 शहरों की 20 अमृत सरोवर परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
इन परियोजनाओं पर 20.24 करोड़ रुपये खर्च होने थे। बैठक में बिंदुवार चर्चा के दौरान पता चला कि इन शहरों में सरोवर निर्माण और उनके सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव पहले से स्वीकृत है। उदाहरण के लिए बरेली में 15वें वित्त आयोग से प्रस्ताव पहले से स्वीकृत है। कुछ शहरों में राज्य वित्त समिति से प्रस्ताव पहले से स्वीकृत किया जा चुका है। इसके आधार पर इन 14 शहरों के 20 प्रस्तावों को ड्राप कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि अन्य शहरों में भी देख लिया जाए दोहरा प्रस्ताव को स्वीकृत नहीं है।




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