पेपर लीक में AKTU का बड़ा फैसला, बीटेक छठे सेमेस्टर पेपर को निरस्त किया, दोबारा होगी परीक्षा
पेपर लीक मामले में AKTU का बड़ा फैसला लिया है। एकेटीयू ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित परीक्षा को निरस्त कर दिया है। इस फैसले बाद अब प्रदेशभर के बीटेक कम्प्यूटर सांइस छात्रों को यह परीक्षा दोबारा देनी होगी।

डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने 21 मई को लीक हुए प्रश्न पत्र को निरस्त कर दिया है। 21 मई को बीटेक कम्प्यूटर सांइस छठे सेमेस्टर का कम्प्यूटर नेटवर्क प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले लीक हो गया था और कई टेलीग्राम और व्हॉट्सग्रुप पर वायरल हो गया था। जिसके बाद विश्वविद्यालय ने बिना देर किए चार सदस्यीय जांच समिति बना दी थी। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर सोमवार को पेपर निरस्त करने का निर्णय किया।
एकेटीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया ने बताया कि एकेटीयू की पेपर लीक जांच समिति की बैठक सोमवार को हुई। बैठक में सभी बिन्दुओं को पर मंथन के बाद पेपर निरस्त करने के साथ ही भविष्य की परिक्षाओं में अधिक सख्ती बरतने का फैसला किया गया। निरस्त पेपर की तृतीय वर्ष के प्रैक्टिकल खत्म होने के बाद आयोजित किया जाएगा। प्रैक्टिकल चार जून को खत्म होंगे। बीती 21 मई को बीटेक छठे सेमेस्टर के कम्प्यूटर नेटवर्क विषय की परीक्षा दोपहर दो से पांच बजे की पाली थी। गाजियाबाद स्थित परीक्षा केन्द्र पर एक छात्र को नकल करते पकड़ा गया।
अनुचित साधन का प्रयोग करते पकड़े छात्र के पास जो सॉल्यूशन मिले वो प्रश्न पत्र की सीक्वेंस से मैच कर रहे थे। इसी बीच परीक्षा दे रहे एक अन्य छात्र ने परीक्षा कक्ष में ही बताया था कि परीक्षा से आधे घंटे पर यही पेपर हम लोगों के ग्रुप पर आया था। इसके बाद एकेटीयू की तकनीकी टीम हरकत में आयी और कुछ ही समय में पता चल गया कि नोएडा स्थित एक परीक्षा केन्द्र के लॉगिन आईडी और पासवर्ड का प्रयोग कर पेपर डाउनलोड कर लीक किया गया। इस लॉगिन आईडी और पासवर्ड से कैसे पेपर लीक हुआ इसी जांच नोएडा की साइबर सेल पुलिस कर रही है। एकेटीयू की जांच समिति में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. राजीव कुमार, निदेशक आईईटी प्रो. वीरेन्द्र पाठक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रो. नीलेन्द्र बादल एवं प्रो विजयंत अग्रवाल, एनएसयूटी दिल्ली के प्रो. विजयंत अग्रवाल शामिल थे।
परीक्षा केन्द्र पर कार्रवाई अभी नहीं
एकेटीयू परीक्षा का प्रश्न पत्र नोएडा स्थित परीक्षा केन्द्र के क्रिडेंशल (लॉगिन आईडी, पासवर्ड) से डाउनलोड किया गया था और वही प्रश्न पत्र टेलीग्राम और व्हॉट्सग्रुप पर वायरल हुआ था। इस बात की पुष्टि पेपर कोड से की गई थी। एकेटीयू ने लीक हुए पेपर को निरस्त कर दिया लेकिन परीक्षा केन्द्र पर अभी किसी तरह की कार्रवाई नही की गई है। विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारियों की माने तो उनका कहना है कि परीक्षा केन्द्र ने स्वयं ही विश्वविद्यालय की गाइडलाइन के अनुसार साइबर सेल में शिकायत की। साथ ही स्थानीय पुलिस को भी बुलाया। अब साइबर सेल की जांच पूरी होने के बाद कॉलेज की संलिप्ता का स्तर पर पता चलने पर कार्रवाई की जाएगी।




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