Ajay Rai said Bringing out Shiva barat after Mahashivratri is a tampering with tradition of Kashi महाशिवरात्रि के बाद शिव बारात निकालना काशी की परंपरा से खिलवाड़, तिथि बदलने पर भड़के अजय राय, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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महाशिवरात्रि के बाद शिव बारात निकालना काशी की परंपरा से खिलवाड़, तिथि बदलने पर भड़के अजय राय

  • काशी की परंपरागत शिव बारात की तिथि बदलने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध शिव बारात इस बार शासन–प्रशासन के दबाव में महाशिवरात्रि के एक दिन बाद 27 फरवरी को निकालना काशी की मूल परंपरा से खिलवाड़ है।

Tue, 25 Feb 2025 02:24 PMPawan Kumar Sharma वाराणसी, वार्ता
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महाशिवरात्रि के बाद शिव बारात निकालना काशी की परंपरा से खिलवाड़, तिथि बदलने पर भड़के अजय राय

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने काशी की परंपरागत शिव बारात की तिथि बदलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि विश्व प्रसिद्ध शिव बारात इस बार शासन–प्रशासन के दबाव में महाशिवरात्रि के एक दिन बाद 27 फरवरी को निकालना काशी की मूल परंपरा से खिलवाड़ है। परंपरा के अनुसार बारात महामृत्युंजय मंदिर, दारानगर से उठकर मैदागिन, बुलानाला, चौक, बाबा धाम गोदौलिया होते हुए चितरंजन पार्क तक जाती है। वहां वधू-पक्ष भांग ठंडई, माला-फूल से बारातियों की अगवानी करती है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शहर में निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध शिव-बारात 43वें वर्ष में प्रवेश करेगी। यह काशी की मूल परंपरा आस्था को समेटे हर काशीवासी के हृदय में बसती है, आखिर काशी की पहचान यहां की संस्कृति, आस्था, पुरातन संस्कृति, अध्यात्म से है और यहां की परंपरा विश्व पटल पर महत्व रखती है। इस परंपरा को लगातार भाजपा सरकार खत्म कर रही है। महाशिवरात्रि के बाद बारात यह बड़ा प्रश्न है शादी के बाद बारात निकालना यह तो पूर्ण रूप से वैवाहिक परंपरा रीति रिवाज के साथ खिलवाड़ है। 2014 के बाद से लगातार काशी की परंपरा से खिलवाड़ हुई है।हिंदू के नाम पर झूठी ब्रांडिंग करने वाली भाजपा को सनातन की परंपरा से दूर दूर तक मतलब नहीं है।

वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अजय राय ने लिखा, “सालों से काशी में महाशिवरात्रि के दिन शिव बारात निकलती है। इस बार यह बारात महाशिवरात्रि के अगले दिन निकलेगी। सचमुच, भाजपा वालों को हमारी आस्था, हमारी परंपरा से कोई सरोकार नहीं है। ये धर्म के नाम पर भी पाखंड रचने के अलावा कुछ नहीं जानते। अभी और कितनी परंपराओं का नाश करेंगे?”

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महाकुंभ के चलते प्रशासन ने नहीं दी अनुमति

संघ के संरक्षक रवींद्र पांडेय के मुताबिक मौनी अमावस्या के बाद शहर में शइव बारात की तैयारारियां शुरू हो गई थीं। लेकिन प्रशासन ने महाकुंभ की भीड़ के चलते अनुमति नहीं दी। इस कारण शिवरात्रि के दिन बारात निकालने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। अब इसके अगले दिन बारात निकाली जाएगी।

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