After 12 years dead employee returns to BHU and stopped his pension BHU में 12 साल बाद 'मुर्दा' लौट आया जिंदा, खुद की पेंशन रुकवाने पहुंचा दफ्तर, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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BHU में 12 साल बाद 'मुर्दा' लौट आया जिंदा, खुद की पेंशन रुकवाने पहुंचा दफ्तर

बीएचयू में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां कर्मचारी रमाशंकर राम सात साल बाद लौट आए। इस दौरान उनकी पारिवारिक पेंशन परिवार को पांच साल से अधिक समय तक जारी रही थी। कर्मचारी के लौटने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेंशन रोकने के आदेश दिए हैं।

Tue, 23 Dec 2025 11:22 AMPawan Kumar Sharma लाइव हिन्दुस्तान, वरिष्ठ संवाददाता, वाराणसी
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BHU में 12 साल बाद 'मुर्दा' लौट आया जिंदा, खुद की पेंशन रुकवाने पहुंचा दफ्तर

बीएचयू में एक जीवित कर्मचारी के परिवार को पांच साल से ज्यादा समय तक पेंशन देने का प्रकरण सामने आया है। इसकी जानकारी भी तब हुई, जब कर्मचारी रमाशंकर राम की तरफ से कुलसचिव कार्यालय में शिकायत की गई। कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन को आननफानन में रोकने के आदेश दिए गए। प्रशासन अब इस प्रकरण पर आगे की कार्यवाही की तैयारी कर रहा है।

प्रकरण के मुताबिक एबी हॉस्टल कमच्छा में वरिष्ठ सहायक के रूप में कार्यरत रमाशंकर राम सामान्य प्रशासन में टाइपिस्ट और वित्त विभाग में कैशबुक में काम कर चुके थे। 2013 में रमाशंकर राम अचानक कहीं लापता हो गए। परिवार की तरफ से 19 मई 2013 को लंका थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सात साल के इंतजार के बाद बीएचयू की तरफ से कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन शुरू कर दी गई। इस बीच नवंबर-2025 में अचानक कर्मचारी रमाशंकर राम लौट आए। कर्मचारी का कहना है कि 2007 के बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था और शरीर के बाएं हिस्से में लकवा मार गया था। इतने वर्ष वह कहां रहे इस संबंध में उन्हें कुछ याद नहीं। स्वास्थ्य सुधरा तो धीरे-धीरे याददाश्त लौटी और उन्हें पता चला कि उनकी पेंशन परिवार को दी जा रही है। उन्होंने बीएचयू के कुलसचिव कार्यालय में 7 नवंबर और 25 नवंबर को पत्र देकर अपनी दावेदारी का प्रमाण दिया। साथ ही पारिवारिक पेंशन बंद कर रिकवरी की मांग की।

यह अजीबोगरीब प्रकरण सामने आने के बाद बीएचयू के सेवा पुस्तिका एवं निवृत्तिका अनुभाग की तरफ से 29 नवंबर को पारिवारिक पेंशन पर रोक लगाने संबंधी आदेश जारी किया गया है। हालांकि बीएचयू प्रशासन अब कर्मचारी के जीवित होने का प्रमाण खोज रहा है।

सात साल तक प्रतीक्षा का प्रावधान

कर्मचारी की गुमशुदगी और पेंशन संबंधी नियम पर पेंशन अनुभाग के एक अधिकारी ने बताया कि किसी कर्मचारी की गुमशुदगी पर नियमानुसार सात सात तक उसकी प्रतीक्षा की जाती है। इस अवधि के बाद पुलिस की रिपोर्ट और कोर्ट के आदेश पर उसे मृत मानते हुए परिवार की पेंशन शुरू की जाती है। लंबे समय तक गुमशुदा कर्मचारी को सेवानिवृत्ति देने का भी नियम है। रमाशंकर राम के प्रकरण में भी पुराने अभिलेख खंगाले जा रहे हैं।

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