यूपी पुलिस के 5 एसओ पर ऐक्शन, डीजीपी ने 2 सीओ के खिलाफ भी जांच बिठाई
यूपी में पांच एसओ को लाइन हाजिर किए जाने के साथ ही बाराबंकी व जौनपुर के सीओ यातायात के विरुद्ध प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। डीजीपी ने बुधवार को अपराध समीक्षा बैठक में जनसनवाई में और सुधार किए जाने समेत अन्य निर्देश भी दिए।

UP News: उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने 20 जिलों में यातायात में सुधार के लिए पायलेट प्रोजेक्ट की शुरुआत के साथ ही सड़क हादसों की रोकथाम में विफल रहे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई भी शुरू की है। उनके निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित सुधार न करने वाले पांच एसओ को लाइन हाजिर किए जाने के साथ ही बाराबंकी व जौनपुर के सीओ यातायात के विरुद्ध प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। डीजीपी ने बुधवार को अपराध समीक्षा बैठक में जनसनवाई में और सुधार किए जाने समेत अन्य निर्देश भी दिए।
डीजीपी ने जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) अभियान की समीक्षा की। दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए चिन्हित 487 थानों में 46 थाने ऐसे पाए गए, जहां दुर्घटना की वृद्धि हुई है। इनमें सबसे खराब प्रदर्शन वाले पांच थानों के एसओ को हटाया गया है। इनमें वाराणसी के चोलापुर एसओ दीपक कुमार, गोरखपुर के कैम्पियरगंज एसओ जितेन्द्र सिंह, कन्नौज के छिबरामऊ एसओ विष्णुकान्त तिवारी, बाराबंकी के रामसनेही घाट एसओ जगदीश प्रसाद शुक्ला और जौनपुर के सिकरारा एसओ उदय प्रताप सिंह शामिल हैं।
समय पर विवेचना पूरी किए जाने समेत अन्य निर्देश दिए
इनके अलावा बाराबंकी के सीओ यातायात आलोक कुमार पाठक और जौनपुर के सीओ यातायात गिरेन्द्र कुमार सिंह के विरुद्ध प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। डीजीपी ने बैठक में जनशिकायतों के निस्तारण की नियमित और गहन समीक्षा सुनिश्चित करते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने, विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों को बढ़ाने, समय पर विवेचना पूरी किए जाने समेत अन्य निर्देश दिए। बैठक में लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी साउथ अमित कुमार आनन्द ने ई-साक्ष्य एप के विभिन्न चरणों और तकनीकी पहलुओं पर प्रस्तुतिकरण भी दिया।
20 जिलों के व्यस्ततम 172 मार्गों पर जाम से मुक्ति दिलाएंगे रूट मार्शल
दरअसल, प्रदेश में दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में सुधार की मुहिम के बाद पुलिस ने अब लोगों को जाम से राहत दिलाने की पहल की है। डीजीपी ने मंगलवार को प्रमुख शहरों में यातायात की बाधाओं को दूर करने के लिए 20 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सी-आरटीसी (सिटी रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन) योजना की शुरुआत की है। इसके तहत कुल 172 चिन्हित मार्गों पर रूट मार्शल की तैनाती की जाएगी। एक माह में योजना के परिणामों की समीक्षा होगी। कहा कि नगरीय क्षेत्रों में हो रहे विकास और विस्तार के कारण वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। यातायात जाम की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए योजना के प्रथम चरण में सभी सात पुलिस कमिश्नरेट के अलावा हर परिक्षेत्र के एक प्रमुख जिले (कुल 13 जिले) को भी शामिल किया गया है। डीजीपी मुख्यालय स्तर 171 रूट मार्शल व उनके सहयोग के लिए अन्य यातायात पुलिस कर्मियों की तैनाती की होगी। सर्वाधिक 14 मार्ग कानपुर में चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा अयोध्या के 10 प्रमुख मार्ग भी शामिल किए गए हैं।




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