7 inspector s hands and legs were broken and thrown into a pit minister sanjay nishad during sanvaidhanik adhikaar yatra 7 दारोगाओं का हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में फेंकवा चुका हूं, अधिकार यात्रा में मंत्री संजय निषाद के बिगड़े बोल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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7 दारोगाओं का हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में फेंकवा चुका हूं, अधिकार यात्रा में मंत्री संजय निषाद के बिगड़े बोल

  • मंत्री ने कहा कि उन्‍हें पता है कि कौन फर्जी मामले में फंसा रहा है। वह गरीबों और महिलाओं के लिए काम करते हैं। कार्यक्रम के दौरान एक महिला की शिकायत पर उन्‍होंने कहा कि 7 दरोगाओं का हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में डलवा चुका हूं।

Wed, 19 March 2025 04:53 PMAjay Singh संवाददाता, सुल्‍तानपुर
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7 दारोगाओं का हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में फेंकवा चुका हूं, अधिकार यात्रा में मंत्री संजय निषाद के बिगड़े बोल

यूपी के सुल्‍तानपुर में संवैधानिक अधिकार यात्रा के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए मंत्री संजय निषाद के बिगड़े बोल सामने आए हैं। यहां एक सभा में उन्‍होंने कहा, 'हम यहां ऐसे ही नहीं पहुंचे हैं। 7 दरोगा का हाथ-पैर तुड़वाकर उसे गड्ढे में फेंकवाकर तब यहां पहुंचा हूं।' बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान किसी महिला ने मंत्री से शिकायत की थी। इसके बाद मंत्री का ये बयान सामने आया।

मंत्री ने कहा कि उन्‍हें पता है कि कौन फर्जी मामले में फंसा रहा है। वह गरीबों और महिलाओं के लिए काम करते हैं। कार्यक्रम के दौरान एक महिला की शिकायत पर उन्‍होंने कहा कि सात दरोगाओं का हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में डलवा चुका हूं।

बयान पर कायम हूं

सुल्‍तानपुर में दिए बयान के तूल पकड़ने पर मंत्री संजय निषाद ने एक बार फिर कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं। न्‍यूज 18 से बातचीत करते हुए मंत्री संजय निषाद ने कहा, ‘यह भी देखना चाहिए कि हम किस आधार पर बोले हैं। मैं उस बयान पर कायम हूं। 2015 में रेल आंदोलन हुआ था। आंदोलन करना महात्‍मा गांधी ने सिखाया है। इसका अधिकार संविधान में बाबा साहेब अम्‍बेडकर ने दिया है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो आत्‍मरक्षा की इजाजत संविधान देता है। पुलिस यदि आंदोलनकारियों पर नियंत्रण के लिए आंसू गैस न छोड़े, डंडे न चलाए और सीधे गोली ही मारे, हत्‍या का मुल्मिज बना दे तो आत्‍मरक्षा तो करनी पड़ेगी न। तो यहां भी (सुल्‍तानपुर में) पुलिस कुछ ऐसा ही कर रही थी। फर्जी फंसाया जा रहा था। बच्‍चे जो पढ़ रहे हैं, निषाद हैं, जो गांव में नहीं बाहर हैं उनका भी नाम डाल दिया जा रहा था। जो अपराधी हैं वो विधायक के संरक्षण में हैं। वो एक विशेष वर्ग के लोग हैं और विशेष तौर पर समाज के साथ अत्‍याचार कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि आज भी कुछ अधिकारियों के अंदर हाथी, साइकिल, पंजा की आत्‍मा है। वे जानबूझकर लोगों को नाराज कर रहे हैं। एक तो ऐसे ही सुल्‍तानपुर हारे हैं और फिर 2027 में भी हार जाएं। ऐसे में इन्‍हें समझाने के लिए कहा है। कार्यकर्ता दिल होता है, रीढ़ की हड्रडी होता है तो उसके साथ तो खड़ा रहेंगे न।’

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दसवें दिन सुल्‍तानपुर पहुंची संवैधानिक अधिकार रथ यात्रा

उत्‍तर प्रदेश के मत्स्य मंत्री संजय निषाद का संवैधानिक अधिकार रथ यात्रा के दूसरे चरण के दसवें दिन सुलतानपुर पहुंची। सुल्‍तानपुर आगमन पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। जयसिंहपुर तहसील के आयुबपुर चौराहे पर प्रधान प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में बीडीसी सदस्य प्रतिनिधि सुरेंद्र मिश्रा सहित दर्जनों लोगों ने उनका स्वागत किया। मंत्री ने जनता से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और समाज को सशक्त बनाने में सहयोग करें।

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यहां मंत्री संजय निषाद ने कहा कि संवैधानिक अधिकार रथ यात्रा का उद्देश्य वंचित वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। उन्होंने निषाद समाज के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए आरक्षण सहित अन्य संवैधानिक अधिकार दिलाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, किसानों, मजदूरों और कमजोर वर्गों के हितों के लिए निरंतर काम कर रही है। मंगलवार को दोपहर बाद संवैधानिक अधिकार रथ यात्रा चांदा के मदारडीह बगीचे में पहुंची। जहां रमापति यादव ने कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को चांदी का मुकुट पहनाकर स्वागत किया।

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