राजस्थान में LPG का अवैध भंडार, 106 कमर्शियल सिलेंडर जब्त, भैसों के तबेले में चल रहा था खेल
एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए मची मारामारी के बीच राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में बिना लाइसेंस संचालित किए जा रहे एक गैस एजेंसी का भंडाफोड़ किया गया है। एक घर और भैंसों के तबेले में भारी मात्रा में कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हुए पाए गए। मौके से 106 भरे हुए और 95 खाली कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए।

एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए मची मारामारी के बीच राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में रसद विभाग ने मंगलवार को बिना लाइसेंस संचालित किए जा रहे एक गैस एजेंसी का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई श्यामनगर क्षेत्र की झमिला वाली ढाणी में की गई, जहां एक घर और भैंसों के तबेले में भारी मात्रा में कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हुए पाए गए। छापेमारी के दौरान मौके से 106 भरे हुए और 95 खाली कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए। यह कार्रवाई जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) शशिशेखर शर्मा के नेतृत्व में की गई।
'गुंजन गैस एजेंसी' नाम से कारोबार
विभाग को यहां अवैध रूप से गैस भंडारण और वितरण की सूचना मिल रही थी। सूचना की पुष्टि होने के बाद टीम ने अचानक मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि 'गुंजन गैस एजेंसी' नाम से यह कारोबार चलाया जा रहा था। इसे गैस प्वाइंट पेट्रोलियम लिमिटेड कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा था, लेकिन संचालकों के पास किसी प्रकार का अधिकृत लाइसेंस या दस्तावेज मौजूद नहीं था।
भैंसों के तबेले में रखे गए थे सिलेंडर
मौके पर एजेंसी का संचालक मदन सैनी भी मौजूद मिला। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि एजेंसी का कोई अधिकृत गोदाम नहीं है और पूरा संचालन घर से ही किया जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बड़ी संख्या में सिलेंडर भैंसों के तबेले में रखे गए थे, जहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। गैस सिलेंडरों का इस तरह खुले और असुरक्षित स्थान पर भंडारण बेहद खतरनाक माना जाता है, क्योंकि थोड़ी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
लेटर ऑफ इंडेंट और पीईएसओ भी नहीं
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संचालक के पास लेटर ऑफ इंडेंट और पीईएसओ (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) का लाइसेंस भी नहीं था, जो गैस भंडारण और वितरण के लिए अनिवार्य होता है। बिना इन दस्तावेजों के इतनी बड़ी मात्रा में एलपीजी रखना कानून का गंभीर उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन अधिकारी पुष्पेंद्र चौधरी और प्रवर्तन निरीक्षक विश्राम गुर्जर सहित विभाग की टीम मौजूद रही।
बड़ा खतरा बन सकता था
डीएसओ शशिशेखर शर्मा ने बताया कि एलपीजी गैस अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ है और इसके भंडारण व वितरण के लिए सरकार ने सख्त नियम बनाए हैं। बिना लाइसेंस इस तरह का कारोबार न केवल अवैध है बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि विभाग को जहां भी ऐसी शिकायतें मिलेंगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का जनता से अपील
जब्त किए गए सभी सिलेंडरों को सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण जिला कलेक्टर न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध गैस कारोबार करने वालों में भय का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों ने विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध गैस भंडारण या वितरण की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।




साइन इन