पश्चिमी विक्षोभ करेगा असर, राजस्थान में तापमान गिरा, बारिश की संभावना
राजस्थान में एक बार फिर मौसम करवट लेने की तैयारी में है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से कई जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। फिलहाल हल्के बादलों और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है

राजस्थान में एक बार फिर मौसम करवट लेने की तैयारी में है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में अगले सप्ताह एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से कई जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। फिलहाल हल्के बादलों और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह-शाम सर्दी का अहसास बढ़ गया है।
गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए रहे। धूप की तीव्रता कम रहने और ठंडी हवाएं चलने से दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। खासकर शेखावाटी अंचल में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई, जिससे लोगों को फरवरी के मध्य में एक बार फिर हल्की सर्दी का सामना करना पड़ा।
फतेहपुर में सबसे कम पारा
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान फतेहपुर में 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा चूरू में 9.4 डिग्री, सीकर में 9.5 डिग्री, करौली और पाली में 9.6 डिग्री तथा लूणकरणसर में 7.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इन क्षेत्रों में सुबह और देर शाम ठंडी हवाएं चलने से ठिठुरन महसूस की गई।
वहीं राजधानी जयपुर सहित बाड़मेर, फलोदी, जालौर और प्रतापगढ़ में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। दिन के अधिकतम तापमान की बात करें तो बाड़मेर और चित्तौड़गढ़ में पारा 31 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा, जिससे दोपहर में हल्की गर्मी का एहसास भी हुआ।
बादलों का असर, पर बारिश नहीं
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में आंशिक बादल छाए रहे। यह स्थिति एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बनी। हालांकि सिस्टम ज्यादा सक्रिय नहीं हो सका और वातावरण में नमी का स्तर कम होने से वर्षा दर्ज नहीं हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की मौजूदगी और ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट जरूर ला दी, लेकिन बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पाईं। इसके चलते मौसम शुष्क ही बना रहा।
18 फरवरी के बाद बदलेगा मिजाज
India Meteorological Department के अंतर्गत मौसम केन्द्र जयपुर ने आगामी दो सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक 18 फरवरी के बाद प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बदलाव अस्थायी होगा, लेकिन इससे तापमान में हल्की गिरावट और मौसम में नमी बढ़ सकती है। हालांकि व्यापक और भारी वर्षा की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
सर्दी का असर होगा कम
विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि 15 फरवरी के बाद प्रदेश में सर्दी का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगेगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज होने की संभावना है। यानी फरवरी के अंतिम सप्ताह में दिन में हल्की गर्माहट बढ़ सकती है, जबकि सुबह-शाम की सर्दी में कमी आएगी।
मौसम में इस उतार-चढ़ाव का असर किसानों और आमजन दोनों पर पड़ सकता है। जहां एक ओर हल्की बारिश फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, वहीं तापमान में तेजी से बदलाव से स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन अगले सप्ताह संभावित पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही एक बार फिर बादल और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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