उदयपुर में 27 सवारियों से भरी ओवरलोड जीप खाई में गिरी, 3 की मौत, 17 घायल
उदयपुर जिले के आदिवासी बहुल कोटड़ा क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। 27 सवारियों से भरी एक जीप बेकाबू होकर करीब 60 फीट गहरी खाई में गिर गई।

उदयपुर जिले के आदिवासी बहुल कोटड़ा क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। 27 सवारियों से भरी एक जीप बेकाबू होकर करीब 60 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए। इनमें से 7 घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें उदयपुर रेफर किया गया है।
हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे कोटड़ा थाना क्षेत्र के डिंगावरी गांव के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, जीप बिलवन गांव से कोटड़ा की ओर जा रही थी। रास्ते में चढ़ाई के दौरान अचानक जीप के ब्रेक फेल हो गए। चालक ने वाहन को काबू में करने की पूरी कोशिश की, लेकिन ओवरलोड होने के कारण जीप पर नियंत्रण नहीं रख पाया और वाहन सड़क से फिसलकर सीधे गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने घायलों को खाई से बाहर निकालने में मदद की और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोटड़ा थाना पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए कोटड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल 7 लोगों को उदयपुर के लिए रेफर किया गया।
हादसे में कालू (25) पुत्र नरसा गरासिया, रेशमी (35) पत्नी वख्ता गरासिया और सुरेश (8) पुत्र रोशन गरासिया की मौत हो गई। तीनों के शवों को कोटड़ा अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है।
हादसे में घायल हुए लोगों में कालू (26) पुत्र नाना गमार, बदी (16) पत्नी पिका गरासिया, शकु (25) पत्नी फेगो गमार, उदा (25) पुत्र धुलाराम गरासिया, सोवन (30) पुत्र वीरमा गरासिया, पिंटू (13) पुत्र मोगा गमार, सीता (18) पत्नी वेहता, लाला (35) पुत्र नाथाराम गरासिया, लुकिया (45) पुत्र वीरमा गरासिया, केसा (32) पुत्र अणदा गरासिया, सुंदर (13) पुत्र गोरका गरासिया, पेमा (30) पुत्र अणदा, अनिल (2) पुत्र शंभु, मेवा (30) पत्नी पेमा, रोशन (10) पुत्र मोहा, मोदनी (30) पत्नी गोवा और रेखा (26) पत्नी रोशन शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि घायलों और मृतकों में से अधिकांश मांडवा थाना क्षेत्र के मालदर गांव के निवासी हैं। हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कोटड़ा क्षेत्र राजस्थान का दुर्गम और आदिवासी इलाका माना जाता है। यहां सार्वजनिक परिवहन के सीमित साधन होने के कारण लोग निजी जीपों पर निर्भर रहते हैं। क्षेत्र में 120 से अधिक जीपें संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश क्षमता से अधिक सवारियां लेकर चलती हैं। जिस जीप का हादसा हुआ, उसमें भी तय क्षमता से कहीं ज्यादा 27 यात्री सवार थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण इस इलाके में आए दिन हादसे होते रहते हैं, लेकिन परिवहन विभाग और प्रशासन की ओर से सख्ती नहीं बरती जाती। हादसे के बाद एक बार फिर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की मांग उठने लगी है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल और ओवरलोडिंग को हादसे का कारण माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज की व्यवस्था और मृतकों के परिजनों को सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
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