उदयपुर में जंगल की आग का तांडव,MP के पर्यटक की मौत
राजस्थान के पर्यटन शहर उदयपुर में जंगल में लगी भीषण आग ने एक पर्यटक की जान ले ली। शहर के बाहुबली हिल क्षेत्र में रविवार रात लगी आग के दौरान मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से घूमने आए एक युवक जंगल में फंस गए।

राजस्थान के पर्यटन शहर उदयपुर में जंगल में लगी भीषण आग ने एक पर्यटक की जान ले ली। शहर के बाहुबली हिल क्षेत्र में रविवार रात लगी आग के दौरान मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से घूमने आए एक युवक जंगल में फंस गए। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
फायर ब्रिगेड और प्रशासन के अनुसार आग इतनी तेज थी कि करीब तीन हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया। आग की लपटों और घने धुएं के बीच फंसे पर्यटक ने इमरजेंसी नंबर पर कॉल कर मदद भी मांगी थी, लेकिन जब तक रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, तब तक वह बेहोश हो चुके थे।
अकेले पहाड़ी पर घूमने गया था युवक
प्राथमिक जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा तहसील स्थित ऊपरवाड़ा गांव निवासी 33 वर्षीय माखन सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि माखन सिंह उदयपुर घूमने आए थे और सोमवार रात बाहुबली हिल इलाके की पहाड़ियों पर अकेले घूमने निकल गए।
इसी दौरान जंगल में अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते आग ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। आग फैलने के कारण वह पहाड़ी क्षेत्र में फंस गए और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया।
इमरजेंसी कॉल कर मांगी थी मदद
घटना के दौरान माखन सिंह ने अपनी जान बचाने के लिए कई कोशिशें कीं। उन्होंने इमरजेंसी नंबर पर कॉल कर जंगल में आग लगने की सूचना दी और खुद के फंसे होने की जानकारी भी दी।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई। हालांकि जंगल में तेजी से फैलती आग और घने धुएं के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया। टीम जब तक मौके पर पहुंची, तब तक माखन सिंह आग और धुएं के बीच फंसकर बेहोश हो चुके थे।
रेस्क्यू के बाद अस्पताल में भर्ती
रेस्क्यू टीम ने माखन सिंह को वहां से बाहर निकालकर तुरंत उदयपुर के महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें गंभीर हालत में भर्ती कराया गया।
एमबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन के अनुसार माखन सिंह की हालत बेहद गंभीर थी। आग और धुएं के कारण उनका शरीर काफी प्रभावित हुआ था। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
धुएं से दम घुटने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मौत का प्रमुख कारण आग से फैले धुएं के कारण दम घुटना माना जा रहा है। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
माखन सिंह रतलाम के एक शोरूम में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और उन्हें घूमने-फिरने का काफी शौक था। उनके परिवार में तीन बच्चे हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया खौफनाक मंजर
फायर ब्रिगेड अधिकारी बी.एल. चौधरी ने बताया कि आग काफी भयानक थी और पूरी पहाड़ी काले धुएं से ढक गई थी। लगभग आधा किलोमीटर तक जंगल का हिस्सा आग की चपेट में आ गया था।
उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद देर रात करीब 12 बजे आग पर काबू पा लिया। इसके बावजूद किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी रात दमकल की टीमें मौके पर तैनात रहीं।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान माखन सिंह को बचाया नहीं जा सका और यह हादसा एक दुखद त्रासदी में बदल गया।
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