जोधपुर जेल से रिहा हुए सोनम वांगचुक, 170 दिन बाद पुलिस सुरक्षा में निकले
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार की ओर से उनके खिलाफ लगाया गया

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार की ओर से उनके खिलाफ लगाया गया National Security Act (NSA) हटाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। करीब 170 दिन की हिरासत के बाद वांगचुक जेल से बाहर आए।
जेल प्रशासन के अनुसार NSA हटाने के आदेश मिलने के बाद रिहाई की प्रक्रिया शुरू की गई। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद दोपहर करीब एक से सवा बजे के बीच वांगचुक को औपचारिक रूप से रिहा कर दिया गया।
पत्नी लेने पहुंचीं, निजी गाड़ी से निकले
वांगचुक को लेने उनकी पत्नी गीतांजलि सुबह करीब 10 बजे जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचीं। यहां जेल प्रशासन ने आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करवाई। इसके बाद दोपहर में सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि जेल से बाहर निकले।
दोनों एक निजी गाड़ी में पुलिस सुरक्षा के बीच रवाना हुए। हालांकि जेल प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वांगचुक जोधपुर से आगे की यात्रा फ्लाइट, ट्रेन या सड़क मार्ग से करेंगे। इस संबंध में अधिकारियों ने फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
170 दिन बाद मिली रिहाई
सोनम वांगचुक पिछले करीब 170 दिनों से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। NSA के तहत हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें लद्दाख से जोधपुर शिफ्ट किया गया था। शनिवार को केंद्र सरकार की ओर से उनके खिलाफ लगाया गया NSA हटाए जाने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
जेल सूत्रों के मुताबिक आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत रिहाई की प्रक्रिया शुरू की और औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें जेल से बाहर जाने की अनुमति दे दी।
अनशन और लेह हिंसा के बाद हुई थी कार्रवाई
दरअसल, लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर सोनम वांगचुक लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। सितंबर 2025 में उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर को लेह में हिंसा की घटना सामने आई थी।
इस घटना के दो दिन बाद 26 सितंबर 2025 को प्रशासन ने कानून-व्यवस्था के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके तुरंत बाद उन्हें लद्दाख से राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
प्रशासन ने नहीं दी आगे की जानकारी
जोधपुर जेल प्रशासन ने वांगचुक की रिहाई की पुष्टि तो की है, लेकिन उनके आगे के यात्रा कार्यक्रम के बारे में फिलहाल कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा कारणों से उनके मूवमेंट को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा रही है। पुलिस की निगरानी में उन्हें जेल परिसर से बाहर निकाला गया।
लद्दाख आंदोलन से जुड़े रहे वांगचुक
सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं और क्षेत्र से जुड़े पर्यावरण तथा संवैधानिक मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। उनके आंदोलन और अनशन के दौरान ही सितंबर 2025 में हालात तनावपूर्ण हुए थे, जिसके बाद प्रशासन ने NSA के तहत कार्रवाई की थी।
करीब 170 दिनों की हिरासत के बाद अब NSA हटने से उनकी रिहाई संभव हो सकी है। शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल से बाहर निकलते ही यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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