rajasthan/govind-singh-dotasra-disturbed-area-bill-rajasthan-assembly-congress-2028-statement 2028 में कांग्रेस सत्ता में आएगी,हम डिस्टर्ब एरिया बिल खत्म कर देंगे; डोटासरा की दो टूक, Jaipur Hindi News - Hindustan
More

2028 में कांग्रेस सत्ता में आएगी,हम डिस्टर्ब एरिया बिल खत्म कर देंगे; डोटासरा की दो टूक

राजस्थान विधानसभा में डिस्टर्ब एरिया बिल-2026 को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि 2028 में कांग्रेस की सरकार बनती है 

Fri, 6 March 2026 07:51 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
share
2028 में कांग्रेस सत्ता में आएगी,हम डिस्टर्ब एरिया बिल खत्म कर देंगे; डोटासरा की दो टूक

राजस्थान विधानसभा में डिस्टर्ब एरिया बिल-2026 को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि 2028 में कांग्रेस की सरकार बनती है तो इस बिल को तुरंत खत्म कर दिया जाएगा।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक ध्रुवीकरण के जरिए बहुसंख्यक वोटों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है और इसी उद्देश्य से यह कानून लाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बिल लाकर प्रदेश में शांति और सामाजिक सौहार्द को खतरे में डाला जा रहा है।

“राजस्थान में गुजरात मॉडल लागू करने की कोशिश”

विधानसभा में बहस के दौरान डोटासरा ने कहा कि सरकार गुजरात की तर्ज पर यहां भी डिस्टर्ब एरिया कानून लागू करना चाहती है। उनका कहना था कि यह कानून जमीन और संपत्ति के अधिकारों पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश है।

उन्होंने कहा, सरकार धार्मिक उन्माद फैलाकर ऐसे बिल लाकर बहुसंख्यक वोटों को अपनी तरफ करना चाहती है। गुजरात का मॉडल राजस्थान में लागू करने की कोशिश की जा रही है। जमीन-जायदाद पर सरकार की नजर है, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है।”

डोटासरा ने कहा कि संपत्ति खरीदने और बेचने का अधिकार भारतीय संविधान ने नागरिकों को दिया है। ऐसे में इस तरह के कानूनों के जरिए उस पर नियंत्रण करना न केवल संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है बल्कि इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:नागौर में अवैध बारूद के अड्डे पर चला बुलडोजर, बारूद किंग सुलेमान खान का 45 बीघा
ये भी पढ़ें:जयपुर से दुबई-अबू धाबी समेत 5 फ्लाइट कैंसिल, 7 दिन से यात्री परेशान
ये भी पढ़ें:ACB की रडार पर फरार IAS, जयपुर-दिल्ली एयरपोर्ट के CCTV फुटेज खंगाले

“शांत क्षेत्र को अशांत बनाने की साजिश”

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार जिस कानून को व्यवस्था बनाए रखने के लिए बता रही है, वह असल में शांत क्षेत्रों को भी विवादों में झोंक सकता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कौन सा क्षेत्र डिस्टर्ब एरिया घोषित किया जाएगा और किस समुदाय को इसके जरिए प्रभावित किया जाएगा। डोटासरा के मुताबिक, कानून में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस आधार पर किसी इलाके को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, सरकार बताए कि डिस्टर्ब एरिया कौन सा होगा और किस समुदाय को आप इसके जरिए इंगित करना चाहते हैं। कानून में आपकी मंशा स्पष्ट होनी चाहिए, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं किया गया है।”

धारा 5 पर भी उठाए सवाल

डोटासरा ने बिल की धारा 5 का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनसे भ्रष्टाचार के रास्ते खुल सकते हैं।

उनका कहना था कि यदि किसी इलाके को डिस्टर्ब एरिया घोषित कर दिया जाता है तो वहां संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर प्रशासनिक अनुमति की जरूरत पड़ सकती है। इससे सरकारी तंत्र में अनावश्यक दखल बढ़ेगा और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कानून के तहत लोगों के पास न्यायिक विकल्प भी सीमित हो सकते हैं।

“अगर कानून ऐसा होगा कि लोग कोर्ट भी नहीं जा सकेंगे, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है,” उन्होंने कहा।

“दिल्ली से पर्ची आई और बिल आ गया”

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने इस मुद्दे को केंद्र की राजनीति से भी जोड़ते हुए कहा कि यह बिल राजस्थान की जरूरत नहीं बल्कि बाहर से थोपे गए एजेंडे का हिस्सा है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा,

“गुजरात से पर्ची आई, दिल्ली होते हुए राजस्थान पहुंची और सरकार बिल लेकर आ गई। यह राजस्थान की जरूरत नहीं है।”

डोटासरा ने कहा कि प्रदेश की पहचान हमेशा गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द रही है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग मिलजुलकर रहते हैं और ऐसी परंपरा को नुकसान पहुंचाने वाले कानूनों से बचना चाहिए।

“2028 में कांग्रेस आएगी तो खत्म होगा कानून”

अपने भाषण के अंत में डोटासरा ने दावा किया कि प्रदेश में अगली बार सत्ता परिवर्तन होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता इस तरह के कानूनों को स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा,राजस्थान में परंपरा है कि सरकारें बदलती रहती हैं। 2028 में कांग्रेस की सरकार आएगी और हम इस बिल को खत्म करेंगे।”

सियासी बहस तेज होने के आसार

डिस्टर्ब एरिया बिल-2026 को लेकर अब प्रदेश की राजनीति में बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। एक तरफ सरकार इसे कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन के लिए जरूरी बता रही है, वहीं विपक्ष इसे नागरिक अधिकारों पर हमला और राजनीतिक एजेंडा करार दे रहा है।

आने वाले दिनों में इस बिल को लेकर विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी और भी तेज होने की संभावना है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।