rajasthan panchayat election 2026 ballot paper evm voting system राजस्थान में 6 साल बाद मतपेटियों से होंगे सरपंच-वार्ड पंच चुनाव, बैलेट और EVM दोनों से मतदान, Jaipur Hindi News - Hindustan
More

राजस्थान में 6 साल बाद मतपेटियों से होंगे सरपंच-वार्ड पंच चुनाव, बैलेट और EVM दोनों से मतदान

राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी प्रशासनिक हलचल शुरू हो गई है। करीब छह साल बाद राज्य में सरपंचों और वार्ड-पंचों के चुनाव फिर से मतपेटियों (बैलेट पेपर) के माध्यम से कराए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव पहले की तरह ईवीएम मशीनों से ही होंगे। 

Mon, 16 Feb 2026 01:53 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
share
राजस्थान में 6 साल बाद मतपेटियों से होंगे सरपंच-वार्ड पंच चुनाव, बैलेट और EVM दोनों से मतदान

राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी प्रशासनिक हलचल शुरू हो गई है। करीब छह साल बाद राज्य में सरपंचों और वार्ड-पंचों के चुनाव फिर से मतपेटियों (बैलेट पेपर) के माध्यम से कराए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव पहले की तरह ईवीएम मशीनों से ही होंगे। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा ने 13 फरवरी को औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावना जताई जा रही है कि पंचायत चुनाव मार्च माह के अंतिम सप्ताह या फिर अप्रैल के पहले पखवाड़े में आयोजित किए जा सकते हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर मतदान सामग्री, कार्मिकों की तैनाती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सोकरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं। आदेश के अनुसार इस बार सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव मतपेटियों से होंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम मशीनों के जरिए कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मतपेटियों से मतदान होने की स्थिति में बैलेट पेपर की छपाई, उनकी सुरक्षित ढुलाई और मतगणना की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। वहीं ईवीएम से होने वाले चुनावों के लिए मशीनों की जांच, सीलिंग और मॉक पोल की प्रक्रिया भी तय मानकों के अनुसार पूरी की जाएगी। दो अलग-अलग मतदान प्रणालियों के कारण कार्मिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके।

पंचायत स्तर पर चुनाव की तैयारियों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी हलचल तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी सक्रिय हो चुके हैं और राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि मतदान शांतिपूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो।

अधिकारियों का कहना है कि मतदान तिथियों की औपचारिक घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा की जाएगी। फिलहाल जिला स्तर पर बूथ निर्धारण, मतदान केंद्रों की समीक्षा, संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों की पहचान तथा सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय बैठकें भी प्रस्तावित हैं।

छह साल बाद मतपेटियों की वापसी को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा बनी हुई है। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और अधिनियमों के तहत संपन्न कराई जाएगी। आने वाले दिनों में चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही आचार संहिता लागू होने की भी संभावना है।

कुल मिलाकर राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। अब सभी की निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तिथियों की घोषणा पर टिकी हैं, जिसके बाद प्रदेशभर में चुनावी माहौल और तेज हो जाएगा।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।