राजस्थान में कान्हा ग्रुप पर IT का शिकंजा,खुफिया दीवार में मिला स्ट्रांग रूम
राजधानी में मशहूर कारोबारी समूह कान्हा ग्रुप पर आयकर विभाग की कार्रवाई आज चौथे दिन भी जारी रही। सूत्रों के अनुसार, जयपुर के 26 और पूरे राजस्थान में 33 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है।

राजधानी में मशहूर कारोबारी समूह कान्हा ग्रुप पर आयकर विभाग की कार्रवाई आज चौथे दिन भी जारी रही। सूत्रों के अनुसार, जयपुर के 26 और पूरे राजस्थान में 33 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। इस बहुचर्चित कार्रवाई ने कारोबारी जगत में हलचल मचा दी है।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा शुक्रवार को तब हुआ, जब समूह के संचालक नटवरलाल और उसके सहयोगियों से जुड़े एक ठिकाने पर दीवार के भीतर छिपा हुआ स्ट्रॉन्ग रूम मिला। तलाशी के दौरान सामने आई ‘खुफिया दीवार’ को तोड़कर जब टीम अंदर पहुंची तो वहां सोने-चांदी के जेवरात समेत कई अहम दस्तावेज बरामद हुए। आयकर अधिकारियों के मुताबिक, बरामद ज्वेलरी का अनुमानित मूल्य करीब साढ़े 7 करोड़ रुपये है।
सुबह से रात तक चली पड़ताल
सूत्र बताते हैं कि स्ट्रॉन्ग रूम की जांच सुबह से देर रात तक चली। दीवार के भीतर बने इस गुप्त कक्ष को बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया था, ताकि बाहरी तौर पर किसी को इसकी भनक न लगे। आयकर टीम ने बरामद ज्वेलरी को जब्त कर लिया है और उसका विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।
डिजिटल सबूतों में कैश लेन-देन का हिसाब
कार्रवाई के दौरान केवल ज्वेलरी ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण डिजिटल और कागजी दस्तावेज भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और बड़े पैमाने पर कैश लेन-देन के संकेत मिले हैं। आयकर विभाग अब डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच कर रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की परतें खुलने की संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिली जानकारी आगे की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएगी। विभाग यह भी खंगाल रहा है कि क्या लेन-देन में बेनामी संपत्तियों या शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया।
आमेर में होटल और वेडिंग डेस्टिनेशन पर भी रेड
छापेमारी की कार्रवाई जयपुर के आमेर क्षेत्र तक भी पहुंची है। यहां होटल ताज और कुंदन वन में आयकर टीम की जांच जारी है। कुंदन वन आलीशान शादियों और बड़े आयोजनों के लिए जाना जाता है। टीम ने यहां से पिछले तीन साल का पूरा रिकॉर्ड जब्त कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार, बुकिंग, भुगतान और कैश ट्रांजैक्शन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या आयोजनों के नाम पर बड़े पैमाने पर अघोषित आय को समायोजित किया गया।
दो करोड़ कैश बरामद, 10 से अधिक लॉकर की जांच
अब तक की कार्रवाई में करीब दो करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 10 से अधिक बैंक लॉकरों की पहचान की गई है, जिनकी तलाशी और मूल्यांकन जारी है। आशंका जताई जा रही है कि इन लॉकरों में भारी मात्रा में ज्वेलरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिल सकते हैं।
बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में लॉकर खोले जा रहे हैं और प्रत्येक वस्तु का विधिवत पंचनामा तैयार किया जा रहा है। आयकर विभाग का फोकस अब इस बात पर है कि बरामद संपत्ति का स्रोत क्या है और क्या इसे आयकर रिटर्न में घोषित किया गया था या नहीं।
कारोबारी जगत में मचा हड़कंप
राजधानी जयपुर में इस कार्रवाई ने कारोबारी वर्ग में हलचल पैदा कर दी है। लगातार चौथे दिन चल रही इस छापेमारी को हाल के वर्षों की बड़ी आयकर कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद टैक्स चोरी की वास्तविक राशि और संभावित दंडात्मक कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।
फिलहाल आयकर विभाग की टीम अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों की छानबीन में जुटी है। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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