राजस्थान हाईकोर्ट में बम धमकी से अफरा-तफरी, पिछले साल भी मिल चुकी हैं 6 धमकियां
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर को शुक्रवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही हाईकोर्ट प्रशासन ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया, जिसके बाद एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवा लिया गया।

राजस्थान हाईकोर्ट को शुक्रवार सुबह एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से जयपुर और जोधपुर स्थित हाईकोर्ट परिसरों में अफरा-तफरी मच गई। धमकी मिलने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन दोनों परिसरों को खाली करवा लिया। हालांकि, व्यापक तलाशी अभियान के बाद किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने की पुष्टि हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को शुक्रवार सुबह एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि हाईकोर्ट परिसर के भीतर तीन बम लगाए गए हैं। ईमेल की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने बिना देर किए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करते हुए पुलिस और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट किया।
धमकी की सूचना मिलते ही जयपुर और जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट परिसरों में चल रही न्यायिक कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। वकीलों, न्यायाधीशों, कर्मचारियों और फरियादियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के निर्देश दिए गए। देखते ही देखते पूरा परिसर खाली करा लिया गया, जिससे कुछ समय के लिए न्यायिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गईं।
सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचीं। हाईकोर्ट के कोर्ट रूम, जजों के चैंबर, रजिस्ट्रार कार्यालय, अधिवक्ता कक्ष, रिकॉर्ड रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की गई। कई घंटों तक चले सघन तलाशी अभियान के दौरान हर कोने की गहनता से जांच की गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई।
पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद राहत की सांस लेते हुए बताया कि धमकी पूरी तरह फर्जी प्रतीत होती है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट प्रशासन ने दोपहर बाद वकीलों और फरियादियों के प्रवेश को दोबारा बहाल कर दिया। हालांकि, एहतियात के तौर पर पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनाए रखी गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते कुछ दिनों में राजस्थान हाईकोर्ट को इस तरह की कई धमकियां मिल चुकी हैं, जो बाद में जांच में अफवाह या शरारतपूर्ण हरकत साबित हुईं। बार-बार मिल रही धमकियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
फिलहाल साइबर सेल को ईमेल की तकनीकी जांच सौंपी गई है। ईमेल की आईपी एड्रेस, लोकेशन और अन्य डिजिटल सुरागों के आधार पर भेजने वाले तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की धमकियों का उद्देश्य दहशत फैलाना और न्यायिक व्यवस्था को बाधित करना हो सकता है।
इधर, वकीलों और न्यायिक अधिकारियों ने बार-बार मिल रही धमकियों पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल सुरक्षा के लिहाज से गंभीर हैं, बल्कि न्यायिक कार्यों में अनावश्यक बाधा भी उत्पन्न करती हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस और प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है और हाईकोर्ट की कार्यवाही पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गई है।
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