राजस्थान में घर बैठे करें स्व-जनगणना, जानें पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप
राजस्थान में 1 मई से जनगणना के पहले चरण की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। इस चरण में मकानों की गणना यानी हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि इसमें पहली बार डिजिटल तकनीक को बड़े स्तर पर शामिल किया गया है।

राजस्थान में 1 मई से जनगणना के पहले चरण की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। इस चरण में मकानों की गणना यानी हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है, क्योंकि इसमें पहली बार डिजिटल तकनीक को बड़े स्तर पर शामिल किया गया है। खास बात यह है कि अब नागरिकों को Census of India के सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से खुद अपनी जनगणना करने का विकल्प दिया गया है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, ताकि व्यस्त नागरिक अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी।
क्या है स्व-जनगणना (Self Enumeration)?
स्व-जनगणना एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और घर से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन के साथ होती है।
कैसे करें आवेदन? जानें आसान स्टेप्स
स्व-जनगणना करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद अपने राज्य का चयन कर कैप्चा कोड भरना होगा।
अगले चरण में पंजीकरण (लॉगिन) करना होगा। इसके लिए परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करते ही आपका सत्यापन पूरा हो जाएगा।
लॉगिन के बाद पोर्टल पर एक डिजिटल मैप दिखाई देगा। यहां आपको अपने शहर का नाम और पिनकोड भरना होगा। इसके बाद मैप टूल की मदद से अपने घर की सटीक लोकेशन को चिन्हित करना जरूरी होगा।
33 तरह की जानकारियां भरनी होंगी
लोकेशन सेट करने के बाद आपको परिवार और मकान से जुड़ी विस्तृत जानकारी भरनी होगी। इस प्रक्रिया में कुल 33 प्रकार की जानकारियां मांगी जाती हैं। इनमें परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था जैसी मूलभूत जानकारी शामिल है।
इसके अलावा मकान की संरचना से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी, जैसे फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है। साथ ही खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन, एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, और घर में मौजूद सुविधाएं जैसे टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि का विवरण भी देना होगा।
सबमिट के बाद मिलेगा यूनिक आईडी
सभी जानकारी भरने के बाद जब आप फॉर्म सबमिट करेंगे, तो आपको 11 अंकों की एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जो ‘H’ अक्षर से शुरू होती है। इस आईडी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। आप चाहें तो इसका स्क्रीनशॉट भी ले सकते हैं।
जब जनगणना अधिकारी आपके घर पर आएंगे, तब आपको यह यूनिक आईडी (SE ID) उन्हें दिखानी होगी, जिससे आपकी ऑनलाइन दी गई जानकारी को सत्यापित किया जा सके।
अधिकारी ने क्या कहा?
जनगणना कार्य निदेशक Bishnu Charan Mallick ने बताया कि स्व-जनगणना का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुविधा देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति स्व-जनगणना नहीं भी करता है, तब भी प्रगणक (Enumerator) उसके घर अवश्य पहुंचेगा और जानकारी एकत्र करेगा।
क्यों खास है यह पहल?
डिजिटल माध्यम से जनगणना का यह कदम भारत में डेटा कलेक्शन को आधुनिक और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे समय की बचत के साथ-साथ डेटा प्रोसेसिंग भी तेज और सटीक होगी।
कुल मिलाकर, इस बार की जनगणना न केवल पारंपरिक प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है, बल्कि डिजिटल इंडिया के विजन को भी मजबूत कर रही है।
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