राजस्थान में तहसीलदार के बाद अब पटवारी से उलझे दौसा विधायक; जानें क्या मामला
राजस्थान के दौसा जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। तहसीलदार से विवाद के बाद अब दौसा विधायक डीडी बैरवा का एक और ऑडियो सामने आया है, जिसमें उनकी महिला पटवारी से तीखी बहस सुनाई दे रही है

राजस्थान के दौसा जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। तहसीलदार से विवाद के बाद अब दौसा विधायक डीडी बैरवा का एक और ऑडियो सामने आया है, जिसमें उनकी महिला पटवारी से तीखी बहस सुनाई दे रही है। यह ऑडियो कथित तौर पर सरकारी जमीन से जुड़े एक मामले को लेकर बताया जा रहा है, जिसमें विधायक और पटवारी हेमलता मीणा के बीच बातचीत हो रही है।
सामने आए ऑडियो में महिला पटवारी यह आरोप लगाती हुई सुनाई दे रही हैं कि विधायक उन्हें धमकी दे रहे हैं। पटवारी का कहना है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन नियमों के तहत कर रही हैं और यदि किसी को उनके काम से आपत्ति है तो उनका तबादला करवा दिया जाए। ऑडियो में पटवारी यह भी कहती हैं कि वह किसी दबाव में आकर नियमों के खिलाफ काम नहीं करेंगी।
वहीं, बातचीत के दौरान विधायक डीडी बैरवा पटवारी से कहते सुनाई दे रहे हैं कि गरीब लोगों को परेशान न किया जाए। विधायक का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई की आड़ में वर्षों से रह रहे गरीबों को उजाड़ा जा रहा है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
खसरा नंबर 171/1 से जुड़ा है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद दौसा तहसील क्षेत्र के खसरा नंबर 171/1 से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले इस भूमि पर प्लॉट काटे गए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर इस जमीन को लेकर कार्रवाई शुरू की गई, जिसे लेकर विधायक ने आपत्ति जताई। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी है और नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है, जबकि विधायक इसे गरीबों के खिलाफ कार्रवाई बता रहे हैं।
विधायक का पक्ष: गरीबों को निशाना बनाया जा रहा
ऑडियो सामने आने के बाद विधायक डीडी बैरवा ने सफाई देते हुए कहा कि यह ऑडियो कब का है, इसकी उन्हें सटीक तारीख याद नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारी लंबे समय से वहां रह रहे गरीब लोगों को परेशान कर रहे हैं। विधायक का आरोप है कि यूआईटी में कन्वर्जन नहीं होने का बहाना बनाकर लोगों के मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
डीडी बैरवा ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में संबंधित अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इसी संरक्षण के चलते अधिकारी बिना किसी भय के गरीबों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि गरीबों के खिलाफ किसी भी तरह की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
तीन दिन पहले तहसीलदार से भी हुआ था विवाद
गौरतलब है कि महिला पटवारी से विवाद से तीन दिन पहले ही दौसा विधायक और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो भी सामने आया था। उस वीडियो में भी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विधायक और तहसीलदार आमने-सामने नजर आए थे। इस विवाद के बाद विधायक ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से मुलाकात कर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इतना ही नहीं, विधायक डीडी बैरवा ने इस मुद्दे को राजस्थान विधानसभा में भी उठाया था, जिससे यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता नजर आया।
तहसीलदार पर गंभीर आरोप, निलंबन की मांग
विधानसभा में बोलते हुए विधायक डीडी बैरवा ने तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि दौसा में पदस्थ एक तहसीलदार न तो कानून का पालन करता है और न ही जनप्रतिनिधियों का सम्मान करता है। विधायक ने आरोप लगाया था कि संबंधित अधिकारी खुद को दौसा की जमीनों का मालिक समझता है और इसी मानसिकता के चलते निरंकुश होकर कार्य कर रहा है।
विधायक ने तहसीलदार को तत्काल निलंबित करने की मांग भी की थी। अब पटवारी से जुड़े नए ऑडियो के सामने आने के बाद यह पूरा मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस ऑडियो को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन लगातार सामने आ रहे विवादों ने दौसा जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
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