rajasthan dausa manch par mantri neeche firing goliyon ke saaye mein swagat video viral राजस्थान में मंच पर मंत्री, नीचे धांय-धांय,गोलियों के साये में मंत्री का स्वागत; दौसा का ये मंजर आपको कर देगा हैरान, Jaipur Hindi News - Hindustan
More

राजस्थान में मंच पर मंत्री, नीचे धांय-धांय,गोलियों के साये में मंत्री का स्वागत; दौसा का ये मंजर आपको कर देगा हैरान

राजस्थान की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर एक साथ सवाल खड़े कर देने वाला यह मामला दौसा जिले से सामने आया है, जहां स्वागत की परंपरा अचानक सनसनी में बदल गई। मंच सजा था, भीड़ उमड़ी हुई थी

Tue, 7 April 2026 01:57 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
share
राजस्थान में मंच पर मंत्री, नीचे धांय-धांय,गोलियों के साये में मंत्री का स्वागत; दौसा का ये मंजर आपको कर देगा हैरान

राजस्थान की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर एक साथ सवाल खड़े कर देने वाला यह मामला दौसा जिले से सामने आया है, जहां स्वागत की परंपरा अचानक सनसनी में बदल गई। मंच सजा था, भीड़ उमड़ी हुई थी, और इंतजार था कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के आगमन का… लेकिन जैसे ही मंत्री पहुंचे, माहौल में गूंजने लगी गोलियों की आवाज!

स्वागत या सरेआम चुनौती?

रविवार दोपहर महवा क्षेत्र के समलेटी गांव में सब कुछ सामान्य दिख रहा था। मंत्री हॉस्पिटल के शिलान्यास के लिए पहुंचे थे। भीड़ में उत्साह था, समर्थकों में जोश। लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे आयोजन को विवादों के घेरे में ला दिया।

चश्मदीदों के मुताबिक, चार युवक खुलेआम बंदूकें लेकर घूमते नजर आए। कुछ ही पलों में तीन अलग-अलग फायर किए गए वो भी पुलिस की मौजूदगी में! यह कोई छुपी हुई हरकत नहीं थी, बल्कि खुले मंच के सामने हुआ “हर्ष फायरिंग” का खेल था।

वीडियो ने खोली परतें

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गरमा गया। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कैसे हथियार लहराते हुए युवक बेखौफ फायरिंग कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब मौके पर पुलिस मौजूद थी, तो यह सब कैसे हो गया?

क्या यह सिर्फ लापरवाही थी या फिर किसी “अनकहे इशारे” का नतीजा?

मंत्री का बयान हंसी में छुपा खौफ?

मामले को और दिलचस्प बना दिया खुद मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बयान ने। अपने संबोधन में उन्होंने हर्ष फायरिंग का जिक्र करते हुए कहा

“मैं समलेटी कई बार आया हूं, लेकिन ऐसा स्वागत कभी नहीं हुआ। ऐसा लगा जैसे ईरान की मिसाइल चल रही हो… इजराइल-अमेरिका के क्लस्टर बम चल रहे हों।”

मंत्री का यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग भले हंस पड़े हों, लेकिन इस तुलना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वाकई यह मजाक का विषय था, या एक खतरनाक लापरवाही को हल्के में लिया गया?

पुलिस की सफाई बारूद नहीं, ‘गंधक-पोटास’?

मौके पर तैनात सीओ मनोहर लाल मीणा ने इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए कहा कि फायरिंग “गंधक और पोटास” से की गई थी। यानी दावा यह कि यह असली गोलियां नहीं थीं, बल्कि पारंपरिक या देसी तरीके की फायरिंग थी।

लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यही है अगर यह सिर्फ दिखावे की फायरिंग थी, तो भी क्या यह कानूनन सही है? और अगर असली हथियार थे, तो उनकी वैधता की जांच कौन करेगा?

मामला दर्ज, लेकिन जवाब अभी बाकी

घटना के बाद महवा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस्तेमाल किए गए हथियार लाइसेंसी थे या अवैध।

लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं

पुलिस की मौजूदगी में फायरिंग कैसे हुई?

क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था?

और सबसे अहम क्या यह “हर्ष फायरिंग” वाकई सिर्फ जश्न था या कानून को खुली चुनौती?

सियासत, सुरक्षा और सवालों का संगम

दौसा का यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—कि भीड़ और उत्साह के बीच कानून की रेखा कितनी आसानी से पार हो सकती है।

अब देखना यह है कि पुलिस की जांच इस “गोलियों वाले स्वागत” की असली कहानी सामने ला पाती है या यह मामला भी बाकी खबरों की तरह वक्त के साथ ठंडा पड़ जाएगा।

फिलहाल, समलेटी गांव की गूंजती गोलियां पूरे प्रदेश में बहस का विषय बन चुकी हैं… और सवाल अब भी हवा में तैर रहा है

ये जश्न था… या जोखिम?

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।