राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने रिटायरमेंट से पहले पद छोड़ा, जानिए क्यों बुलाया दिल्ली
राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने रिटायरमेंट से करीब 13 महीने पहले मुख्य सचिव पद छोड़ दिया है। उन्हें अब केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सचिव नियुक्त किया गया है।

राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने रिटायरमेंट से करीब 13 महीने पहले मुख्य सचिव पद छोड़ दिया है। उन्हें अब केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सचिव नियुक्त किया गया है। अधिकारी 1 दिसंबर 2025 से दिल्ली में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकेंगे।
सूत्रों के अनुसार, यह दुर्लभ मौका है जब किसी राजस्थान कैडर के आईएएस ने मुख्य सचिव का पद छोड़कर केंद्र में सचिव के रूप में नियुक्ति पाई है। इससे पहले 2013 में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में राजीव महर्षि ने भी इसी तरह मुख्य सचिव पद छोड़कर दिल्ली का रुख किया था।
ब्यूरोक्रेसी जानकार बताते हैं कि सुधांश पंत के अचानक पद छोड़ने के पीछे कई कारण रहे हैं। पहला, ट्रांसफर और पोस्टिंग में उनकी पसंद के अधिकारियों की अनदेखी की जा रही थी। सूत्र बताते हैं कि हाल ही में डेपुटेशन पर आए एक आईपीएस को पंत की सिफारिश के बावजूद उनकी इच्छानुसार तैनात नहीं किया गया।
दूसरा कारण यह बताया गया कि विभागों से जुड़ी अहम फाइलें सीधे मुख्यमंत्री के कार्यालय में तैनात अन्य आईएएस के पास जा रही थीं, और मुख्य सचिव के पास नहीं पहुंच रही थीं। पंत इस bypassing से नाराज थे क्योंकि आम तौर पर विभागीय फाइलें मुख्य सचिव के जरिए ही मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती थीं।
तीसरा और अहम कारण यह था कि जून 2025 में मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आलोक गुप्ता के तबादले के बाद पंत को कई अहम मामलों में साइडलाइन किया गया था। इसके चलते मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात आईएएस अफसर अहम फैसले लेने लगे, जिससे पंत और अन्य वरिष्ठ अफसरों के बीच अनबन की खबरें सामने आती रहीं।
राजस्थान कैडर के 1991 बैच के आईएएस सुधांश पंत की सेवा यात्रा काफी लंबी और विविध रही है। उनकी पहली पोस्टिंग एसडीओ जयपुर में 1993 में हुई थी। इसके बाद उन्हें जैसलमेर और झुंझुनूं का कलेक्टर बनाया गया। इसके अलावा पंत ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, जिनमें पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड चेयरमैन, HCM RIPA DG, और ACS ट्रेनिंग, राजस्थान शामिल हैं।
दिल्ली में भी पंत की सेवा महत्वपूर्ण रही है। उन्हें पहले केंद्रीय डिप्यूटेशन पर दिल्ली भेजा गया था। जब राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ, तो उन्हें दिसंबर 2023 में दिल्ली से वापस बुलाकर 1 जनवरी 2024 को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। अब केंद्र सरकार ने उन्हें पुनः दिल्ली बुलाकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सचिव पद पर तैनात किया है।
जानकारों का कहना है कि सुधांश पंत राज्य और केंद्र सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उनके कार्यकाल में सभी समीक्षात्मक बैठकें और रिपोर्ट्स समय पर केंद्र को भेजी जाती रही हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली की सराहना हुई।
एक अन्य कारण यह भी बताया जा रहा है कि पंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी अफसरों में गिने जाते हैं। कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में उनकी सेवाएं ली गईं। राजस्थान के प्रशासन और शासन को लेकर उनकी गहरी समझ भी केंद्र को आकर्षित करने का कारण मानी जा रही है।
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