एक कर्मचारी के नाम लिख दिए च्यवनप्राश के 75 डब्बे, राजस्थान के मुख्यमंत्री की दो टूक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चिकित्सा सुविधाओं के दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चिकित्सा सुविधाओं के दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं इसलिए देती है, ताकि जरूरतमंदों को लाभ मिल सके, न कि दुरुपयोग के लिए।
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में सामने आया है कि एक ही कर्मचारी के नाम च्यवनप्राश के 75 डब्बे लिख दिए गए, जो पूरी तरह अनुचित है। यह न सिर्फ व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि जरूरतमंदों के हक पर भी चोट करता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सुविधाओं का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही किया जाए।
‘अब हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है’
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अब पहले जैसा समय नहीं रहा, जब लोग यह मान लेते थे कि कोई देख नहीं रहा। आज हर गतिविधि कैमरों की निगरानी में है और सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एनआईए के स्वर्ण जयंती समारोह में जुटे दिग्गज
जयपुर के जोरावर सिंह गेट के पास स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में सोमवार को स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधायक बालमुकुंद आचार्य, पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा सहित बड़ी संख्या में छात्र, पूर्व छात्र, चिकित्सक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
एनआईए को मिलेगा विस्तार, नई जमीन का भरोसा
समारोह में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के विस्तार के लिए राज्य सरकार से नई जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जयपुर में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर संस्थान को विस्तार के लिए जमीन आवंटित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 में एक आयुर्वेद महाविद्यालय के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान आज देश का प्रथम आयुर्वेद विश्वविद्यालय बन चुका है और शिक्षा, अनुसंधान तथा रोगी सेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद को केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला बताया।
आयुर्वेद के विस्तार पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। नए आयुर्वेद अस्पताल, महाविद्यालय, डिस्पेंसरी, सीटों में वृद्धि और आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है, ताकि आमजन को बेहतर और सुलभ आयुर्वेदिक उपचार मिल सके।
धन्वंतरि उपवन और नई सुविधाओं का लोकार्पण
समारोह से पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रताप राव जाधव ने गलताजी स्थित हर्बल गार्डन में धन्वंतरि उपवन का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आरोग्य वाटिका में पौधारोपण भी किया गया। इसके बाद एनआईए परिसर में एडवांस्ड सिमुलेशन लेबोरेट्री और एनआईए पॉडकास्ट स्टूडियो का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने नई ओपीडी भवन का लोकार्पण भी किया।
केंद्रीय मंत्री बोले— आयुर्वेद को मिली नई पहचान
केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की 50 वर्षों की यात्रा आयुर्वेद के शोधार्थियों, चिकित्सकों और कर्मयोगियों के समर्पण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष को राष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था की मुख्यधारा में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में आयुष विभाग के बजट में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान न केवल देश, बल्कि विश्व स्तर पर आयुर्वेद के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान है। उन्होंने आयुर्वेद और योग को भारत की अनुपम देन बताते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में आयुर्वेद क्षेत्र में कई नवाचार हुए हैं और करीब 2000 आयुष मंदिर स्थापित किए गए हैं।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश रहा—सरकारी सुविधाएं जनता के लिए हैं, दुरुपयोग के लिए नहीं। अब हर गतिविधि पर नजर है और जवाबदेही तय होगी।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन