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राजस्थान में शुरू हुई जनगणना, CM ने भरा डिजिटल फॉर्म; हर परिवार से पूछे जाएंगे 33 सवाल

राजस्थान में आज यानी 1 मई 2026 से जनगणना 2027 के पहले चरण ‘हाउस लिस्टिंग’ की औपचारिक शुरुआत हो गई। इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में स्वयं-गणना (Self Enumeration) प्रपत्र भरकर किया।

Fri, 1 May 2026 12:19 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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राजस्थान में शुरू हुई जनगणना, CM ने भरा डिजिटल फॉर्म; हर परिवार से पूछे जाएंगे 33 सवाल

राजस्थान में आज यानी 1 मई 2026 से जनगणना 2027 के पहले चरण ‘हाउस लिस्टिंग’ की औपचारिक शुरुआत हो गई। इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में स्वयं-गणना (Self Enumeration) प्रपत्र भरकर किया। इसके साथ ही प्रदेश में डिजिटल जनगणना प्रक्रिया का आगाज हो गया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना फॉर्म भरने के बाद प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि सटीक और सही जानकारी ही सरकार की योजनाओं को हर पात्र नागरिक तक पहुंचाने का आधार बनती है।

सीएम ने कहा कि आज से प्रदेश में प्रारंभ हो रही जनगणना के प्रथम चरण ‘हाउस लिस्टिंग’ प्रक्रिया के तहत उन्होंने अपना स्वयं-गणना प्रपत्र भरा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी इस प्रक्रिया में सहयोग करें और डिजिटल माध्यम से उपलब्ध सुविधा का अधिकतम उपयोग करें।

पहली बार घर बैठे खुद भर सकेंगे जानकारी

इस बार की जनगणना कई मायनों में खास मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार नागरिकों को वेब पोर्टल के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई इस सुविधा के तहत लोग 1 मई से 15 मई 2026 तक http://se.census.gov.in पोर्टल पर लॉगिन कर Self Enumeration कर सकते हैं।

ऑनलाइन फॉर्म भरने वाले नागरिकों को एक SE ID जारी की जाएगी। जब जनगणना कर्मचारी घर-घर सर्वे के लिए पहुंचेंगे, तब नागरिकों को केवल यह SE ID दिखानी होगी। इससे लंबी कागजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और समय की भी बचत होगी।

सरकार का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से डेटा कलेक्शन अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी होगा। साथ ही त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।

घर-घर पहुंचेंगे कर्मचारी, पूछे जाएंगे 33 सवाल

जनगणना के पहले चरण ‘हाउस लिस्टिंग’ के तहत कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी बुनियादी जानकारी जुटाएंगे। इस दौरान नागरिकों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे।

इन सवालों में मकान और परिवार से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जैसे—

मकान संख्या और भवन की स्थिति

फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है

मकान स्वामित्व यानी मकान खुद का है या किराए का

परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग

परिवार के पास रहने के लिए कुल कमरों की संख्या

पीने के पानी का मुख्य स्रोत

बिजली और रोशनी की उपलब्धता

शौचालय सुविधा और गंदे पानी की निकासी व्यवस्था

रसोईघर और खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाला ईंधन जैसे LPG/PNG

घर में टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन, साइकिल, बाइक और कार जैसी सुविधाओं की उपलब्धता

परिवार मुख्य रूप से किस अनाज का उपभोग करता है

योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग में मिलेगी मदद

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, जनगणना से जुटाए गए आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और सामाजिक-आर्थिक नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को सही दिशा देने में यह डेटा उपयोगी साबित होगा।

राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मचारियों को सही और पूरी जानकारी दें। साथ ही जो लोग डिजिटल रूप से सक्षम हैं, वे स्वयं-गणना सुविधा का उपयोग कर प्रक्रिया को और आसान बना सकते हैं।

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