rajasthan bluetooth cheating clerk exam sog arrest spy camera paper leak राजस्थान: ब्लूटूथ से बताए आंसर, स्पाई कैमरों से कैप्चर पेपर,हाई-टेक चीटिंग कर बने क्लर्क; जानें SOG ने कैसे दबोचा, Jaipur Hindi News - Hindustan
More

राजस्थान: ब्लूटूथ से बताए आंसर, स्पाई कैमरों से कैप्चर पेपर,हाई-टेक चीटिंग कर बने क्लर्क; जानें SOG ने कैसे दबोचा

राजस्थान में सरकारी नौकरियों की ईमानदारी और पारदर्शिता पर फिर सवाल उठे हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने हाईकोर्ट कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा में हाई-टेक चीटिंग कर नौकरी पाने वाले चार सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

Mon, 8 Dec 2025 12:51 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
share
राजस्थान: ब्लूटूथ से बताए आंसर, स्पाई कैमरों से कैप्चर पेपर,हाई-टेक चीटिंग कर बने क्लर्क; जानें SOG ने कैसे दबोचा

राजस्थान में सरकारी नौकरियों की ईमानदारी और पारदर्शिता पर फिर सवाल उठे हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने हाईकोर्ट कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा में हाई-टेक चीटिंग कर नौकरी पाने वाले चार सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों ने राजस्थान में वर्ष 2022 में आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में नकल कराने वाले पेपर लीक सरगना से 3 से 5 लाख रुपए देकर सौदा किया था। SOG ने इन सभी को रविवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से चारों को 10 दिसंबर तक रिमांड पर भेज दिया गया है।

SOG के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, वर्ष 2022 में राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर द्वारा कनिष्ठ न्यायिक सहायक, लिपिक ग्रेड सेकेंड और सहायक लिपिक ग्रेड सेकेंड की संयुक्त परीक्षा आयोजित हुई थी। उसी दौरान ईओ-आरओ परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग होने की सूचना पर SOG ने जांच शुरू की थी। कई संदिग्धों को पकड़ा गया और पूछताछ में सामने आया कि पौरव कालेर व उसके साथियों ने ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से रियल टाइम में पेपर हल करवाया था।

जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि यही गिरोह हाईकोर्ट लिपिक भर्ती परीक्षा में भी सक्रिय था और तकनीक के जरिए बड़े स्तर पर चीटिंग करवाई गई थी।

पेपर लीक सरगना पौरव कालेर ने नकल कराने के लिए स्पेन से करीब 90 हजार रुपए कीमत के ‘Innova Chem Drop Box’ नाम के स्पाई कैमरे मंगवाए। यह कैमरा बेहद छोटा होता है, जिसे आसानी से कपड़ों में या शरीर पर छिपाया जा सकता है और उच्च गुणवत्ता वाले फोटो व वीडियो कैप्चर कर सकता है।

गिरोह में शामिल दो बदमाश — जितेंद्र उर्फ अक्षय जाटा और राजेश कुमार बिजारणियां — अभ्यर्थी बनकर परीक्षा में बैठे। जैसे ही परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र मिला, उन्होंने स्पाई कैमरे से पूरे पेपर का स्क्रीनशॉट लिया और इंटरनेट के माध्यम से सरगना पौरव कालेर को भेज दिया।

इधर बाहर बैठा उसका तैयार एक्सपर्ट्स का ग्रुप प्रश्न हल करने लगा। सवाल हल होते ही ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए कान में लगे माइक्रो इयरपीस से अभ्यर्थियों को रियल टाइम में उत्तर बताए गए। योजना इतनी सटीक थी कि चारों अभ्यर्थी परीक्षा में आसानी से पास हो गए और अगले वर्ष 2023 में उन्हें कनिष्ठ लिपिक के पद पर नियुक्ति मिल गई।

गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थी और उनकी पोस्टिंग

नाम जिले का निवासी दी गई रकम वर्तमान पोस्ट (गिरफ्तारी के समय)

दिनेश कुमार रूखासर, चूरू 3 लाख न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सलूम्बर

मनोज कुमार बोरान श्यामपुरा, सीकर 4 लाख राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी, जोधपुर

रमेश कुमार रेबारी बास, चूरू 5 लाख न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रमांक-2, राजगढ़

मनीष बुडिया छापरी खुर्द, नागौर 3 लाख वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं एसीजेएम, मारवाड़ जंक्शन, पाली

SOG ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है और अब पूछताछ जारी है कि इस नेटवर्क में और कितने आरोपी व अधिकारी जुड़े हैं।

इन चारों आरोपियों ने परीक्षा पास कर दो साल तक सरकारी नौकरी की। वे न्यायालयों में काम करते रहे, फाइलें संभालीं और लोगों के मामलों का प्रशासनिक स्तर पर निस्तारण करते रहे। लेकिन अब जब SOG की कार्रवाई में उनका सच सामने आ चुका है, उनकी नियुक्तियां रद्द होने और सरकारी सेवा से बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

वहीं SOG इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वे अन्य परीक्षाओं में भी शामिल रहे और क्या उनके जरिए कोई और नियुक्ति प्रभावित हुई।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।