राजस्थान में अप्रैल से पहले ही गर्मी के तेवर, मौसम विभाग का पूर्वानुमान जारी
राजस्थान में गर्मी ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। शुक्रवार को प्रदेश के 14 शहरों में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। पश्चिमी और उत्तरी जिलों में दिन के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान

राजस्थान में गर्मी ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। शुक्रवार को प्रदेश के 14 शहरों में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। पश्चिमी और उत्तरी जिलों में दिन के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को मार्च के अंतिम सप्ताह में ही मई-जून जैसी गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर, चूरू, बाड़मेर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़ समेत कई शहरों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया। वहीं जयपुर, अलवर, सीकर, पिलानी और आसपास के क्षेत्रों में भी अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। दिन में धूप तेज रही और दोपहर के समय गर्म हवाओं ने भी असर दिखाया।
बाड़मेर रहा सबसे गर्म
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज किया गया। इसके बाद जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ में 34.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। बीकानेर और चूरू में भी पारा 33 डिग्री से ऊपर रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में साफ आसमान और शुष्क हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह रुझान और स्पष्ट हो सकता है।
दोपहर बाद बदला मौसम का मिजाज
हालांकि दिन में तेज गर्मी के बीच कुछ जिलों में दोपहर बाद मौसम में हल्का बदलाव भी देखने को मिला। जयपुर, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, नागौर, अलवर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में शाम के समय आसमान में हल्के बादल छा गए। इससे तापमान में बड़ी गिरावट तो नहीं आई, लेकिन लोगों को तेज धूप से थोड़ी राहत जरूर मिली।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव स्थानीय स्तर पर विकसित हुए बादलों के कारण था। फिलहाल राज्य में किसी बड़े सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना नहीं है।
अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केन्द्र, नई दिल्ली ने अगले दो सप्ताह के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार राजस्थान के पश्चिमी और उत्तरी जिलों में तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। इससे गर्मी का असर और तेज होने की संभावना है।
विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में लू जैसे हालात भले न बनें, लेकिन दिन का तापमान लगातार ऊंचा बना रह सकता है। खासकर बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू और जोधपुर जैसे जिलों में गर्मी ज्यादा असर दिखा सकती है।
रात में भी कम हो रही ठंडक
दिन में बढ़ती गर्मी का असर अब रात के तापमान पर भी दिखने लगा है। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर पहुंच गया है।
फलोदी में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में अब तक के ऊंचे आंकड़ों में शामिल है। बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 19.4 डिग्री, जैसलमेर और जोधपुर में 18.4 डिग्री तथा बीकानेर में 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इन शहरों में अब रात के समय सर्दी लगभग समाप्त हो चुकी है और पंखे चलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में रात का तापमान भी धीरे-धीरे और बढ़ सकता है।
फिलहाल मौसम साफ रहने के आसार
मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क और साफ रहने की संभावना है। किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ या वर्षा प्रणाली के सक्रिय होने के संकेत फिलहाल नहीं हैं।
ऐसे में दिन के तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी जारी रह सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
प्रदेश में गर्मी की यह शुरुआती दस्तक संकेत दे रही है कि आने वाले हफ्तों में तापमान और बढ़ सकता है। पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान में गर्मी का असर सबसे अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है।
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