ऑपरेशन सिंदूर की पहली एनिवर्सरी,जयपुर में फिल्म होगी रिलीज; राजनाथ सिंह संग तीनों सेना प्रमुख होंगे शामिल
ठीक एक साल पहले आधी रात के सन्नाटे में शुरू हुआ भारत का वह सैन्य अभियान, जिसने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को हिला दिया था। अब उसी ऐतिहासिक मिशन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ राजस्थान की राजधानी जयपुर में सैन्य सम्मान और रणनीतिक गौरव के साथ मनाई जाएगी।

ठीक एक साल पहले आधी रात के सन्नाटे में शुरू हुआ भारत का वह सैन्य अभियान, जिसने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को हिला दिया था। अब उसी ऐतिहासिक मिशन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ राजस्थान की राजधानी जयपुर में सैन्य सम्मान और रणनीतिक गौरव के साथ मनाई जाएगी। गुरुवार को खातीपुरा स्थित सप्त शक्ति कमांड में होने वाले इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में रक्षा मंत्री Rajnath Singh के साथ थल सेना, वायु सेना और नौसेना के प्रमुख शामिल होंगे। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ General Anil Chauhan की मौजूदगी भी संभावित मानी जा रही है।
इस आयोजन को लेकर सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने जयपुर में विशेष तैयारियां की हैं। कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण वह फिल्म होगी, जो ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित है। सूत्रों के मुताबिक फिल्म में कई ऐसे विजुअल शामिल हैं, जिन्हें ऑपरेशन के दौरान वास्तविक समय में शूट किया गया था। यही वजह है कि फिल्म को लेकर सैन्य हलकों से लेकर आम लोगों में उत्सुकता चरम पर है।
आधी रात 1:07 बजे जारी हुआ टीजर, फिर बढ़ा रोमांच
सेना ने बुधवार देर रात फिल्म का टीजर जारी किया। खास बात यह रही कि टीजर को रात 1 बजकर 7 मिनट पर रिलीज किया गया। यही वह समय था, जब एक साल पहले भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर हमला शुरू किया था।
टीजर में भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट, नौसेना की सामरिक गतिविधियां और थल सेना के ग्राउंड ऑपरेशन के विजुअल दिखाए गए हैं। कुछ सेकंड के इस वीडियो ने ही पूरे ऑपरेशन की गंभीरता और ताकत का एहसास करा दिया। सेना की ओर से इसे केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि “भारत की जवाबी शक्ति का दस्तावेज” माना जा रहा है।
क्यों चुना गया राजस्थान?
सैन्य सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राजस्थान की भूमिका बेहद अहम रही थी। पाकिस्तान से लगती लंबी सीमा, सीमावर्ती जिलों की रणनीतिक स्थिति और कई सैन्य ठिकानों की सक्रियता के कारण राजस्थान ऑपरेशन का प्रमुख केंद्र बना था। यही वजह है कि पहली वर्षगांठ के लिए जयपुर को चुना गया।
गुरुवार दोपहर 12 बजे सप्त शक्ति कमांड में तीनों सेनाओं के प्रमुख मीडिया को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम 5 बजे मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहेंगे।
जब पाकिस्तान में 100 किलोमीटर भीतर तक हुई थी कार्रवाई
7 मई 2025 की वह रात भारत की सैन्य रणनीति के इतिहास में दर्ज हो चुकी है। 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक रात 1:05 बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन ने महज 25 मिनट में पाकिस्तान के 7 शहरों में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।
ऑपरेशन के बाद भारतीय सेना ने रात 1:51 बजे सोशल मीडिया पर सिर्फ दो शब्द लिखे थे “इंसाफ हो गया।” इसके साथ जारी तस्वीरों ने पूरे देश में जोश भर दिया था।
आर्मी डे परेड के बाद फिर सैन्य केंद्र बना जयपुर
यह पहला मौका नहीं है, जब जयपुर किसी बड़े सैन्य आयोजन का गवाह बनने जा रहा हो। इससे पहले 15 जनवरी 2026 को आर्मी डे परेड भी जयपुर में आयोजित की गई थी। जगतपुरा की महल रोड पर हुई इस परेड की खास बात यह थी कि पहली बार इसे आर्मी एरिया से बाहर आम लोगों के बीच आयोजित किया गया था।
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