NEET लीक केस में बड़ा ट्विस्ट, SMS कॉलेज की छात्रा पलक बिवाल लापता; चाचा की गिरफ्तारी के बाद कॉलेज आना किया बंद
NEET-UG 2025 पेपर लीक मामले की जांच अब राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित SMS मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गई है। इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब आरोपी दिनेश बिवाल की भतीजी पलक बिवाल भी जांच के घेरे में आ गई।

NEET-UG 2025 पेपर लीक मामले की जांच अब राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित SMS मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गई है। इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब आरोपी दिनेश बिवाल की भतीजी पलक बिवाल भी जांच के घेरे में आ गई। पलक, जिसने साल 2025 में NEET परीक्षा पास की थी और 522 अंक हासिल किए थे, पिछले दो दिनों से कॉलेज से गायब है। उसके अचानक लापता होने से जांच एजेंसियों और कॉलेज प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ गई है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, पलक बिवाल नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहती थी, लेकिन उसका शैक्षणिक प्रदर्शन औसत स्तर का बताया जा रहा है। SMS मेडिकल कॉलेज की एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मोनिका जैन ने बताया कि पलक की अटेंडेंस तो नियमित थी, लेकिन पढ़ाई में उसका प्रदर्शन खास प्रभावशाली नहीं रहा। पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद उसका अचानक कॉलेज से गायब हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
कॉलेज प्रशासन ने शुरू की आंतरिक जांच
पलक की गैरमौजूदगी को लेकर कॉलेज प्रशासन ने भी सतर्क रुख अपनाया है। प्रशासन का कहना है कि पिछले दो दिनों से पलक कॉलेज नहीं आ रही है और यह स्थिति असामान्य है। कॉलेज ने उसके दोस्तों से पूछताछ करने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पलक के बारे में कोई ठोस सुराग मिल सके।
कॉलेज प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, “इस तरह से अचानक किसी छात्रा का गायब होना चिंताजनक है। हम उसके करीबी साथियों और हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं, जिससे उसकी लोकेशन और स्थिति का पता लगाया जा सके।”
NEET स्कोर और प्रदर्शन में अंतर बना शक की वजह
जांच एजेंसियां अब पलक के शैक्षणिक रिकॉर्ड और उसके NEET स्कोर के बीच अंतर को भी खंगाल रही हैं। पलक ने NEET-2025 में 98.61 परसेंटाइल हासिल किया था, जो एक अच्छा स्कोर माना जाता है। इसी आधार पर उसे एससी कैटेगरी के तहत SMS मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला था। हालांकि, कॉलेज में उसका प्रदर्शन औसत रहने के कारण अब एजेंसियां इस अंतर को भी जांच का आधार मान रही हैं।
परिवार के अन्य सदस्य भी जांच के घेरे में
इस मामले में सिर्फ पलक ही नहीं, बल्कि दिनेश बिवाल का बेटा ऋषि बिवाल भी फरार बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर पेपर मिलने के बावजूद ऋषि परीक्षा में सफल नहीं हो पाया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, उसे 720 में से करीब 107 अंक ही मिलने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां उसकी भी तलाश में जुटी हैं।
परिवार में कई सदस्यों का चयन, बढ़ा संदेह
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दिनेश बिवाल, मांगीलाल और उनके बड़े भाई घनश्याम के परिवार के कुल सात सदस्य पिछले दो वर्षों में NEET परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से पांच सफल रहे। साल 2025 में मांगीलाल के बेटे विकास और बेटी प्रगति का चयन हुआ, जबकि दिनेश की बेटी गुंजन को वाराणसी मेडिकल कॉलेज अलॉट हुआ। वहीं, घनश्याम की बेटियां पलक और सानिया क्रमशः जयपुर और मुंबई के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रही हैं।
परिवार के इतने अधिक सदस्यों के चयन और अब पेपर लीक मामले में सामने आए घटनाक्रम ने जांच एजेंसियों के संदेह को और गहरा कर दिया है। फिलहाल CBI और अन्य एजेंसियां पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं और पलक बिवाल व ऋषि बिवाल की तलाश जारी है।
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