2100 कीलों पर लेटकर राजस्थान के खाटूश्यामजी पहुंचा MP का सोनू;तपस्या देख हर कोई हैरान
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में चल रहे फाल्गुनी लक्खी मेले के पांचवें दिन भक्ति, विश्वास और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्याम बाबा के दरबार में अब तक करीब साढ़े पांच लाख से अधिक श्रद्धालु हाजिरी लगा चुके हैं।

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में चल रहे फाल्गुनी लक्खी मेले के पांचवें दिन भक्ति, विश्वास और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्याम बाबा के दरबार में अब तक करीब साढ़े पांच लाख से अधिक श्रद्धालु हाजिरी लगा चुके हैं। देश के कोने-कोने से पहुंचे भक्तों के जयकारों से पूरा खाटू धाम गूंज रहा है।
विदेशों से मंगाए फूलों से विशेष शृंगार
बुधवार को बाबा श्याम का विशेष शृंगार हरे और गुलाबी रंग के फूलों से किया गया, जिन्हें विदेश से मंगाया गया था। लाल वेलवेट के वस्त्र पर सुनहरी कढ़ाई और गुलाबी गोटे का बागा पहनाकर बाबा को आकर्षक रूप दिया गया। मंदिर परिसर को सफेद दुपट्टों पर लिखे ‘ऊं’ और लाल झालरों से सजाया गया है, जो भक्तों को आध्यात्मिक वातावरण का अहसास करा रहा है।
सुबह से देर रात तक दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। भजन-कीर्तन और “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
14 लाइनों से प्रवेश, व्यवस्था सुचारू
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा है। 14 लाइनों के माध्यम से श्रद्धालुओं का प्रवेश कराया जा रहा है, जिससे भारी भीड़ के बावजूद दर्शन प्रक्रिया सुचारू बनी हुई है। खाटू पहुंचने के बाद अधिकांश श्रद्धालु एक घंटे से कम समय में बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं।
रींगस से खाटू तक पदयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। निशान लेकर पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के बीच जगह मिलना मुश्किल हो गया है। भीड़ बढ़ने पर प्रशासन ने लखदातार ग्राउंड के जिगजैग रास्ते खोल दिए हैं, जिससे भक्तों को लगभग 2 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
2100 कीलों पर लेटकर 17 किमी की तपस्या
मेले में आस्था की एक अनोखी मिसाल मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ निवासी सोनू पेश कर रहे हैं। सोनू पिछले चार दिनों से 2100 लोहे की कीलों पर पेट के बल लेटते हुए रींगस से खाटू की ओर बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक कील करीब 5 इंच लंबी है और कुल वजन लगभग 26 किलोग्राम है।
इस कठिन साधना के जरिए वह करीब 17 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर रहा है। फिलहाल वह मंदिर से करीब 6–7 किलोमीटर दूर है और एकादशी पर बाबा के दर्शन का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। सोनू का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से इसी प्रकार तपस्या करते हुए बाबा के दरबार में पहुंचता है।
मार्ग में मौजूद श्रद्धालु उसकी कठिन साधना देखकर भावुक हो रहे हैं। कई लोग जयकारों के साथ उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं, तो कई श्रद्धालु इसे अटूट श्रद्धा और समर्पण की मिसाल बता रहे हैं।
भक्ति और विश्वास का संगम
21 फरवरी से शुरू हुए फाल्गुनी मेले में हर दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क है। चिकित्सा, पेयजल और यातायात की व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
खाटू धाम इन दिनों आस्था के महासागर में तब्दील हो चुका है। जहां एक ओर भव्य शृंगार और सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है, वहीं दूसरी ओर सोनू जैसे भक्तों की कठिन तपस्या मेले को और भी विशेष बना रही है।
भक्ति, विश्वास और परंपरा का यह अद्भुत संगम फाल्गुनी लक्खी मेले को एक बार फिर यादगार बना रहा है। श्याम बाबा के दरबार में उमड़ती भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आस्था के आगे हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन