लखनऊ से महिला आरक्षण बिल पर वसुंधरा राजे ने कांग्रेस पर कसा तंज
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमा गई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता Vasundhara Raje ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश की महिलाओं को लंबे समय से इस बिल के लागू होने का इंतजार था,

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमा गई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता Vasundhara Raje ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश की महिलाओं को लंबे समय से इस बिल के लागू होने का इंतजार था, लेकिन कांग्रेस के शासनकाल में यह केवल चर्चा तक ही सीमित रहा।
कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना
वसुंधरा राजे ने अपने बयान में Indian National Congress पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान महिला सशक्तिकरण की बातें तो खूब हुईं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं किया गया। उनके अनुसार, महिलाओं के अधिकारों को लेकर केवल वादे किए गए, लेकिन उन्हें अमल में नहीं लाया गया।
महिलाओं के संघर्ष का किया जिक्र
राजे ने कहा कि देश की महिलाएं लंबे समय से इस अधिकार के लिए संघर्ष कर रही थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की यह मांग नई नहीं है, बल्कि दशकों पुरानी है, जिसे अब जाकर गंभीरता से लिया गया है। उनके मुताबिक, यह बिल महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी की सराहना
वसुंधरा राजे ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं की भावनाओं और उनके दर्द को समझा और इस महत्वपूर्ण विधेयक को संसद में लाने का कार्य किया। उन्होंने इसे ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे देश की राजनीति में बड़ा बदलाव आएगा।
विशेष सत्र को बताया अहम
राजे ने कहा कि संसद का प्रस्तावित तीन दिवसीय विशेष सत्र इस बिल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सत्र के दौरान इस पर ठोस प्रगति देखने को मिलेगी और इसे लागू करने की दिशा में कदम आगे बढ़ेंगे।
2029 चुनाव तक लागू होने का भरोसा
उन्होंने विश्वास जताया कि महिला आरक्षण बिल को 2029 के लोकसभा चुनाव तक लागू कर दिया जाएगा। राजे के अनुसार, इस कदम से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलेंगे।
क्या है महिला आरक्षण बिल
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है। यह बिल लंबे समय से लंबित रहा है और विभिन्न सरकारों के दौरान इस पर चर्चा होती रही है, लेकिन अब इसे लागू करने को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
राजनीतिक बहस फिर तेज
राजे के इस बयान के बाद एक बार फिर महिला आरक्षण बिल राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। जहां सत्ताधारी दल इसे ऐतिहासिक कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष सरकार से इसके क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट समयसीमा और रोडमैप की मांग कर रहा है।
संसद की कार्यवाही पर टिकी निगाहें
फिलहाल, सभी की निगाहें संसद के विशेष सत्र पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस बिल को लेकर क्या निर्णय होते हैं, यह देश की राजनीति और महिला सशक्तिकरण की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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