महिला आरक्षण बिल फेल पर जयपुर में BJP का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने रोका मार्च
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं हो पाने के बाद राजस्थान की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष के विरोध में सोमवार को जयपुर में जोरदार प्रदर्शन किया।

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं हो पाने के बाद राजस्थान की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष के विरोध में सोमवार को जयपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बीजेपी महिला मोर्चा की ओर से “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” निकाली गई, जिसे पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
बीजेपी ऑफिस से शुरू हुई पदयात्रा
पदयात्रा की शुरुआत बीजेपी प्रदेश कार्यालय से हुई, जहां से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पदयात्रा का नेतृत्व बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ कर रही थीं। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर शहीद स्मारक की ओर बढ़ रही थीं।
पुलिस ने कमिश्नरेट के पास रोका
हालांकि, जैसे ही पदयात्रा कमिश्नरेट के पास पहुंची, पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर इसे रोक दिया। इससे नाराज महिला कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और मौके पर हंगामा भी हुआ। कुछ कार्यकर्ता बेरिकेड्स पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश करती नजर आईं। पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा भी बेरिकेड पार करने का प्रयास करती दिखाई दीं।
महिला नेताओं का विपक्ष पर हमला
प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मूंदड़ा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध कर कांग्रेस ने “घृणित कार्य” किया है और जनता इसका जवाब जरूर देगी।
वहीं प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल ने तीखे शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने “रावण बनकर महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है” और अब महिलाएं उन्हें जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से आई महिलाएं अपने अधिकारों के लिए एकजुट हुई हैं।
सभा में सीएम का विपक्ष पर प्रहार
पदयात्रा से पहले बीजेपी कार्यालय में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बन सकता था, लेकिन विपक्ष ने इसे “काला पन्ना” बना दिया।
सीएम ने कहा कि जिन दलों ने दशकों तक देश और प्रदेश में शासन किया, उन्होंने महिलाओं को उनका हक नहीं दिया। उन्होंने विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें डर था कि अगर आम महिलाएं आगे बढ़ीं तो उनकी राजनीति प्रभावित होगी।
उन्होंने आगे कहा कि जयपुर की सड़कों पर उमड़ा महिलाओं का जनसैलाब इस बात का संकेत है कि अब महिलाओं को उनका अधिकार मिलने से कोई नहीं रोक सकता।
दीया कुमारी का सख्त बयान
सभा में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन्होंने महिलाओं का हक छीना है, उन्हें जनता के बीच वोट मांगने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि ऐसे नेताओं को अपने क्षेत्र में घुसने न दें।
बिल क्यों नहीं हो पाया पास
गौरतलब है कि लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पास नहीं हो सका। इस बिल में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव था।
वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पारित करने के लिए 352 मतों की आवश्यकता थी। पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण बिल गिर गया, जिसके बाद बीजेपी ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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