वोट चोरी करते तो केरल में भी जीतते, कांग्रेस मुंह दिखाने लायक नहीं रहती: BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद उठे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर बीजेपी वास्तव में वोट चोरी करती, तो वह सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं रहती

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद उठे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर बीजेपी वास्तव में वोट चोरी करती, तो वह सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं रहती, बल्कि केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी जीत दर्ज कर लेती। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे हार की बौखलाहट करार दिया।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को केरल की जीत याद रहती है, लेकिन पश्चिम बंगाल की हार पर वह सवाल खड़े करने लगती है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “यह किस मुंह से बात कर रहे हैं? अगर हम वोट चोरी करते, तो केरल में भी कर लेते। फिर कांग्रेस कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहती।” उनके इस बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाना गलत
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होती है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए कहा कि आयोग का किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं होता। ऐसे में चुनावी हार के बाद उस पर आरोप लगाना लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में बीजेपी केवल एक सीट जीत पाई है, लेकिन पार्टी ने वहां के जनादेश को पूरी तरह स्वीकार किया है। “अगर किसी के बस में वोट चोरी करना होता, तो वहां भी कर लेते, लेकिन ऐसा संभव ही नहीं है,” राठौड़ ने दोहराया।
कांग्रेस का ‘दोहरा चरित्र’ उजागर
राठौड़ ने कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केरल में जीतने के बाद कांग्रेस जश्न मना रही है और खुद को मजबूत बता रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल में हार मिलते ही वही पार्टी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है।
उन्होंने कहा, “केरल में भी वही संस्थाएं थीं, वही चुनाव आयोग था। वहां जीत गए तो सब सही, और बंगाल में हार गए तो सब गलत—यह दोहरा चरित्र नहीं चलेगा।” राठौड़ ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि उसे अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।
जनादेश का सम्मान जरूरी
बीजेपी नेता ने लोकतंत्र की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां चुनाव व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से होते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने भी कई बार हार का सामना किया है, लेकिन कभी संस्थाओं पर सवाल नहीं उठाए।
“हम भी कई बार हारे, संघर्ष किया, मेहनत की और आगे बढ़े। केरल में हमने लंबे समय तक संघर्ष किया, लेकिन वहां का जनादेश स्वीकार किया। कांग्रेस को भी यही करना चाहिए,” राठौड़ ने कहा।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और उसे स्वीकार करना ही राजनीतिक परिपक्वता की निशानी है।
‘बदले की राजनीति छोड़ने’ का संदेश
राठौड़ ने अंत में प्रधानमंत्री के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अब देश को बदले की राजनीति से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि राजनीतिक दलों को प्रतिशोध की भावना छोड़कर विकास और जनसेवा पर ध्यान देना चाहिए।
पूरे घटनाक्रम में बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे हार की हताशा बताया है। वहीं, राठौड़ के तीखे बयान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज हो सकता है।
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