jalaluddin vice president nomination on rajasthan student कौन है राजस्थान का जलालुद्दीन जो लेना चाहता है जगदीप धनखड़ की जगह,दिल्ली पहुंचकर भरा उपराष्ट्रपति पद का नामांकन, Jaipur Hindi News - Hindustan
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कौन है राजस्थान का जलालुद्दीन जो लेना चाहता है जगदीप धनखड़ की जगह,दिल्ली पहुंचकर भरा उपराष्ट्रपति पद का नामांकन

उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के बीच राजस्थान के एक युवा छात्र ने अपनी अनोखी राजनीतिक दिलचस्पी के चलते सबका ध्यान खींचा है।

Tue, 12 Aug 2025 09:00 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जैसलमेर
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कौन है राजस्थान का जलालुद्दीन जो लेना चाहता है जगदीप धनखड़ की जगह,दिल्ली पहुंचकर भरा उपराष्ट्रपति पद का नामांकन

उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के बीच राजस्थान के एक युवा छात्र ने अपनी अनोखी राजनीतिक दिलचस्पी के चलते सबका ध्यान खींचा है। जैसलमेर निवासी 38 वर्षीय जलालुद्दीन ने सोमवार को राज्यसभा में पहुंचकर 15 हजार रुपये की डिपॉजिट राशि के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। जलालुद्दीन वर्तमान में जयपुर स्थित हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं।

जलालुद्दीन का राजनीति के प्रति लगाव नया नहीं है। इससे पहले वे 2009 में जैसलमेर जिले की आसुतार बांधा पंचायत से वार्ड पंच का चुनाव लड़ चुके हैं, जिसमें उन्हें केवल एक वोट से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भी उनका उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने 2013 में जैसलमेर विधानसभा सीट से और 2014 में बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया था, हालांकि दोनों बार उन्होंने पर्चा वापस ले लिया।

अब जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई, तो जलालुद्दीन ने भी इसमें भाग लेने की ठान ली। उन्होंने 11 अगस्त को निर्वाचन आयोग में नामांकन दाखिल किया।

जलालुद्दीन का कहना है की मुझे चुनाव लड़ने का शौक है। मैं जानता हूं कि मेरा नामांकन रद्द हो जाएगा, लेकिन मैंने फिर भी नामांकन दाखिल किया है।” उन्होंने बताया कि उन्होंने यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव में भी भाग लेने की कोशिश की थी, लेकिन उम्र अधिक होने के कारण उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया गया।

हालांकि, जलालुद्दीन का उपराष्ट्रपति पद के लिए दाखिल किया गया नामांकन भी तकनीकी खामियों के चलते रद्द हो सकता है। चुनाव आयोग द्वारा दस्तावेजों की जांच के दौरान यह पाया गया कि जलालुद्दीन द्वारा दी गई निर्वाचन नामावली की प्रमाणित प्रति पुरानी तारीख की थी। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, इस प्रकार की गलती के चलते नामांकन स्वतः खारिज कर दिया जाता है।

जैसलमेर के मंगालिया मोहल्ले के रहने वाले जलालुद्दीन ने अपने राजनीतिक सफर में कभी हार से हताश नहीं हुए। वे लगातार अलग-अलग स्तर के चुनावों में नामांकन दाखिल करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि लोकतंत्र में भागीदारी सबसे जरूरी है, और वे इसी सिद्धांत के तहत सक्रिय रहना चाहते हैं।

चुनाव आयोग के नियमों और उपराष्ट्रपति पद की कठोर शर्तों के बीच भले ही जलालुद्दीन की दावेदारी नाम मात्र की हो, लेकिन उनका जोश और राजनीतिक प्रक्रिया में भागीदारी का जज्बा देखने लायक है।

अब जबकि उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है और चुनाव 9 सितंबर को होंगे, जलालुद्दीन जैसे उम्मीदवार राजनीतिक प्रक्रिया को लेकर एक अलग ही उत्साह और दृष्टिकोण सामने लाते हैं।

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