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जयपुर में हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग, IT कंपनी संचालकों से 1 करोड़ की मांगी फिरौती

राजधानी के मुहाना इलाके में साइबर-क्राइम और संगठित अपराध का खतरनाक मेल सामने आया है, जहां अज्ञात 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने IT कंपनी के दो संचालकों का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया।

Sat, 21 March 2026 02:02 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान, जयपुर
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जयपुर में हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग, IT कंपनी संचालकों से 1 करोड़ की मांगी फिरौती

राजधानी के मुहाना इलाके में साइबर-क्राइम और संगठित अपराध का खतरनाक मेल सामने आया है, जहां अज्ञात 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने IT कंपनी के दो संचालकों का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया। आरोपियों ने डिजिटल करेंसी (USDT) में निवेश का झांसा देकर दोनों को बुलाया और फिर कार में जबरन बैठाकर किडनैप कर लिया। इसके बाद बदमाशों ने पीड़ितों के ही मोबाइल फोन से उनके परिजनों को कॉल कर 1 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की।

निवेश के नाम पर रचा गया पूरा प्लान

पुलिस जांच में सामने आया है कि जगतपुरा निवासी राहुल और दिनेश मुहाना स्थित इस्कॉन मंदिर के पास IT कंपनी संचालित करते हैं। गुरुवार शाम करीब 6 बजे दोनों को एक कॉल आया, जिसमें खुद को निवेशक बताकर USDT में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया गया। साइबर निवेश के इस जाल में फंसकर दोनों शाम करीब 7 बजे तय स्थान पर पहुंचे।

यहीं से अपराधियों ने अपनी साजिश को अंजाम दिया। जैसे ही दोनों मौके पर पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें जबरन कार में बैठाया और वहां से फरार हो गए।

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मोबाइल से फिरौती कॉल, पुलिस हुई अलर्ट

अपहरण के तुरंत बाद बदमाशों ने पीड़ितों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए उनके परिजनों को कॉल किया। आरोपियों ने 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगते हुए पैसे लेकर गोनेर पहुंचने को कहा। परिजनों ने घबराने के बजाय तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिससे मामला गंभीरता से लिया गया और पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया।

GPS और मोबाइल लोकेशन बना सबसे बड़ा हथियार

मुहाना थाना पुलिस ने एसीपी मानसरोवर आईपीएस आदित्य काकड़े और थानाधिकारी गुर भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें संदिग्ध कार का नंबर मिला। यह कार मानसरोवर की एक रेंटल कंपनी से ली गई थी।

कार में लगे GPS सिस्टम ने पुलिस के लिए गेम चेंजर का काम किया। इसके साथ ही, बदमाशों द्वारा मोबाइल फोन बंद न किए जाने की बड़ी चूक ने पुलिस को लगातार लोकेशन ट्रैक करने का मौका दे दिया।

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10 घंटे में 13 लोकेशन बदलीं, पुलिस ने नहीं छोड़ा पीछा

पुलिस के अनुसार, बदमाश लगातार लोकेशन बदलते रहे ताकि ट्रैकिंग से बचा जा सके। आरोपियों ने गोनेर से शुरुआत कर हिंगोनिया गौशाला, इंदिरा गांधी नगर, खो नागोरियान, कानोता होते हुए बस्सी तक का रास्ता तय किया। इसके बाद वे नायला और जामडोली के जंगलों में घूमते रहे।

करीब 10 से 11 घंटे के भीतर बदमाशों ने 13 से ज्यादा लोकेशन बदलीं, लेकिन पुलिस टीम लगातार उनका पीछा करती रही। तकनीकी निगरानी और फील्ड टीम के तालमेल ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया।

दबाव बढ़ा तो जंगल में छोड़कर फरार

लगातार पुलिस दबाव और ट्रैकिंग के चलते बदमाश घबरा गए। शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे उन्होंने गलता घाटी के जंगलों में कार सहित दोनों अपहृतों को छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।

पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही, आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर लिया गया है।

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FSL जांच और तीन टीमें गठित

घटनास्थल पर एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। कार और आसपास के इलाके से फिंगरप्रिंट, डिजिटल और अन्य फॉरेंसिक सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। इसमें साइबर ट्रेल, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और रेंटल कार नेटवर्क की जांच शामिल है।

साइबर फ्रॉड और किडनैपिंग का खतरनाक गठजोड़

इस पूरी वारदात ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब पारंपरिक अपराध के साथ-साथ साइबर तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। USDT जैसे डिजिटल निवेश का लालच देकर पहले शिकार को फंसाना और फिर किडनैपिंग जैसे गंभीर अपराध को अंजाम देना एक संगठित गैंग की ओर इशारा करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल किडनैपिंग का नहीं, बल्कि साइबर-क्राइम, फाइनेंशियल फ्रॉड और संगठित अपराध के गठजोड़ का उदाहरण है। पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह गैंग पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम तो नहीं दे चुका।

सतर्कता ही बचाव

यह घटना आम लोगों के लिए भी चेतावनी है कि अनजान कॉल्स और डिजिटल निवेश के झांसे में आने से बचें। खासकर क्रिप्टोकरेंसी या USDT जैसे माध्यमों में निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है।

फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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