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पाकिस्तान को नहीं मिलेगा सिंधु का पानी,डीपीआर तैयार;राजस्थान-हरियाणा समेत चार राज्यों को लाभ

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने स्पष्ट किया है कि अब सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा। पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोककर भारत के हित में उपयोग किया जाएगा। इस पानी का लाभ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा।

Sat, 7 Feb 2026 06:31 PMSachin Sharma लाइव हिन्दुस्तान
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पाकिस्तान को नहीं मिलेगा सिंधु का पानी,डीपीआर तैयार;राजस्थान-हरियाणा समेत चार राज्यों को लाभ

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने स्पष्ट किया है कि अब सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा। पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोककर भारत के हित में उपयोग किया जाएगा। इस पानी का लाभ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा। पाटिल ने बताया कि इसे लेकर केंद्र सरकार की ओर से कार्य योजना तैयार की जा रही है और पाकिस्तान जाने वाले पानी को डायवर्ट करने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर ली गई है।

शनिवार को जयपुर स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अपने जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि जो पानी अंतरराष्ट्रीय बाध्यताओं के तहत मजबूरी में छोड़ा जाता है, उस पर सरकार की क्या नीति होगी।

यमुना जल परियोजना पर तेजी से होगा काम

सीआर पाटिल ने यमुना जल परियोजना को लेकर कहा कि इस पर काम को तेज किया जाएगा ताकि बेहतर जल प्रबंधन के जरिए राज्यों को अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यमुना के पानी पर राजस्थान का अधिकार पहले से था, लेकिन पिछली सरकारों ने इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए। अब हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच डीपीआर तैयार करने को लेकर सहमति बन चुकी है और जल्द ही परियोजना पर काम शुरू होगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पाइपलाइन के जरिए यमुना का पानी लाने की इस योजना की अनुमानित लागत 77 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपए तक हो सकती है। फिलहाल राजस्थान के पास सबसे कम पानी उपलब्ध है, लेकिन आने वाले समय में सबसे अधिक पानी राजस्थान के पास होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से संवाद कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा।

शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी

पाटिल ने जानकारी दी कि राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के तीन जिलों को यमुना का पानी उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति दे दी है और अब डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरप्लस पानी का हिस्सा राजस्थान को दिलाने के लिए तकनीकी स्तर पर काम किया जा रहा है। संशोधित योजना की डीपीआर मंत्रालय को मिल चुकी है, जिसका परीक्षण जारी है। परीक्षण पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भारत की अर्थव्यवस्था पर भी बोले केंद्रीय मंत्री

देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए सीआर पाटिल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ी है और सरकार ने महंगाई को नियंत्रण में रखा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री होने के बावजूद अपने कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक रैंकिंग में 10-11वें स्थान से आगे नहीं ले जा सके।

पाटिल ने दावा किया कि आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और कर सुधारों का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

ईआरसीपी और जल जीवन मिशन पर केंद्र का रुख

ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह फैसला केंद्रीय कैबिनेट स्तर पर होता है। उनका उद्देश्य है कि खेती और पेयजल के लिए जनता को पर्याप्त पानी मिले, चाहे निवेश किसी भी सरकार द्वारा किया जाए।

जल जीवन मिशन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि घर-घर पानी पहुंचाना राज्यों की जिम्मेदारी है, लेकिन केंद्र सरकार ने पहली बार इस योजना के तहत राज्यों को 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी है। योजना से जुड़ी 4 हजार से अधिक शिकायतें सामने आई थीं। जांच के लिए 119 टीमें गठित की गईं और दोषियों पर कार्रवाई की गई। राजस्थान में इस मामले में एक पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

लोकसभा घटनाक्रम पर कांग्रेस पर निशाना

लोकसभा में हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सीआर पाटिल ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की महिला सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री की सीट को घेरना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकसभा प्रश्न और चर्चा का मंच है, जहां विरोध अपनी सीट पर खड़े होकर भी दर्ज कराया जा सकता है।

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