गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी ने कही बड़ी बात
राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी ने देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं पर चिंता जताते हुए गाय को भारत का “राष्ट्रीय पशु” घोषित करने की मांग उठाई है। सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि इस कदम से देश में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी ने देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं पर चिंता जताते हुए गाय को भारत का “राष्ट्रीय पशु” घोषित करने की मांग उठाई है। सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि इस कदम से देश में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कुरान इंसानियत और प्रेम का देता है संदेश
राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी के महासचिव शेख हाजी निजामुद्दीन ने ईद-उल-अजहा के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस्लाम और कुरान इंसानियत, भाईचारे और प्रेम का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर जताई चिंता
शेख हाजी निजामुद्दीन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई हिस्सों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं सामने आई हैं। कई मामलों में हिंसा और हत्या जैसी घटनाओं ने माहौल को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से न केवल सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है, बल्कि सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ता है।
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि देश में अमन और भाईचारा बना रहे। किसी भी धर्म या समुदाय के बीच तनाव की स्थिति पैदा न हो। इसी सोच के साथ हमने मांग की है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए, ताकि इस विषय पर विवाद और तनाव कम हो सके।”
गाय के सांस्कृतिक महत्व का किया जिक्र
सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि गाय को देश में लंबे समय से श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता रहा है। कई समुदायों में गाय का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। ऐसे में इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर व्यापक स्तर पर सकारात्मक संदेश जाएगा।
त्योहार के दौरान शांति बनाए रखने की अपील
शेख हाजी निजामुद्दीन ने यह भी कहा कि ईद-उल-अजहा का पर्व त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहार के दौरान शांति, भाईचारे और कानून व्यवस्था का पूरा ध्यान रखें। साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली सामग्री साझा करने से बचें।
सामाजिक एकता के लिए काम करने का दावा
उन्होंने कहा कि राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी हमेशा सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के पक्ष में काम करती रही है। संगठन का मानना है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए सभी समुदायों को मिल-जुलकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है।
मांग के बाद शुरू हुई चर्चाएं
इस मांग को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस विषय पर अलग-अलग संगठनों और लोगों की अपनी राय हो सकती है, लेकिन सोसायटी का कहना है कि उनकी मंशा केवल सामाजिक शांति और सद्भाव बनाए रखने की है।
पहले भी उठ चुकी है मांग
गौरतलब है कि देश में पहले भी समय-समय पर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठती रही है। कई धार्मिक और सामाजिक संगठन इस संबंध में अपनी राय जाहिर करते रहे हैं। अब राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी की ओर से यह मांग सामने आने के बाद इस मुद्दे ने फिर से चर्चा पकड़ ली है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन