जनसुनवाई में CM भजनलाल शर्मा का गुस्सा, तुम क्या हो? कहकर अफसर को लगाई फटकार
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आमतौर पर अपनी सादगी, सौम्य व्यवहार और आमजन से सीधे संवाद के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित जनसुनवाई में उनका बिल्कुल अलग ही रूप देखने को मिला।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आमतौर पर अपनी सादगी, सौम्य व्यवहार और आमजन से सीधे संवाद के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित जनसुनवाई में उनका बिल्कुल अलग ही रूप देखने को मिला। जनता की शिकायतों में लगातार हो रही देरी और अफसरों की लापरवाही ने मुख्यमंत्री का सब्र तोड़ दिया। नतीजा यह रहा कि भरे सभागार में सीएम ने अफसरों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई और साफ संदेश दे दिया कि अब काम में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता की पीड़ा सुनकर भड़के मुख्यमंत्री
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री के सामने पहुंचे। सड़क, बिजली, पानी, राजस्व और प्रशासन से जुड़े कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें शिकायतें लंबे समय से लंबित थीं। जब मुख्यमंत्री को पता चला कि कुछ मामलों में महीनों बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका गुस्सा साफ झलकने लगा।
सीएम ने अधिकारियों से पूछा कि आखिर जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर क्यों काटने पड़ रहे हैं और शिकायतों का समाधान समय पर क्यों नहीं किया जा रहा।
‘तुम क्या हो?’ अफसरों के छूटे पसीने
जनसुनवाई के दौरान एक खास शिकायत पर कार्रवाई न होने से मुख्यमंत्री इतने नाराज हुए कि उन्होंने सीधे संबंधित अधिकारी को कठघरे में खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मुख्यमंत्री कड़े लहजे में कहते नजर आ रहे हैं
“पी. रमेश जी क्यों है? तुम क्या हो? इनका काम आज ही हो जाना चाहिए।”
मुख्यमंत्री के इस सवाल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सकते में डाल दिया। उनका यह सख्त रुख साफ बता रहा था कि अब सिर्फ फाइलें घुमाने और बहाने बनाने का दौर खत्म हो चुका है।
लापरवाही पर ‘नो टॉलरेंस’ का संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिन मामलों में अनावश्यक देरी हुई है, उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो सीधे कार्रवाई होगी।
सीएम ने कहा,
“जनता की समस्या का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। अगर काम समय पर नहीं हुआ, तो जवाबदेही तय होगी। दोबारा वही शिकायत मेरे पास नहीं आनी चाहिए।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मौके पर ही तलब की रिपोर्ट
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने कई मामलों में अधिकारियों से मौके पर ही रिपोर्ट तलब कर ली। कुछ शिकायतों पर तुरंत संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए। सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य फोकस गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मामलों पर है और इन वर्गों के कामों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का मकसद जनता को राहत देना है, न कि उन्हें परेशान करना।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘एक्शन मोड’
जनसुनवाई के बाद मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग मुख्यमंत्री के इस ‘एक्शन मोड’ की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे प्रशासनिक सख्ती का सही उदाहरण बताया, तो कुछ ने कहा कि ऐसे ही अफसरों पर लगाम लगेगी।
राजनीतिक गलियारों में भी मुख्यमंत्री के इस रुख की चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि सरकार अब प्रशासनिक कामकाज में जवाबदेही और समयबद्धता को लेकर और सख्त होने जा रही है।
साफ संदेश: काम नहीं तो कार्रवाई
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह सख्त रुख महज एक दिन की नाराजगी नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आने वाले समय में प्रशासनिक सुधारों का संकेत माना जा रहा है। जनसुनवाई के मंच से उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जनता के काम में लापरवाही करने वाले अफसरों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
सीएम का यह संदेश बिल्कुल साफ है काम होगा, समय पर होगा, नहीं तो कार्रवाई तय है।
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