अजमेर में छात्र से अमानवीय बर्ताव का मामला , POCSO में मामला दर्ज; स्कूल की भूमिका पर भी सवाल
अजमेर के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा के छात्र के साथ हुए एक गंभीर प्रकरण ने जिले में छात्र सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

PTI NATIONAL
अजमेर के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा के छात्र के साथ हुए एक गंभीर प्रकरण ने जिले में छात्र सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक 17 वर्षीय छात्र को उसके ही तीन सहपाठियों द्वारा कथित रूप से अपमानित और प्रताड़ित किए जाने का मामला वीडियो सामने आने के बाद खुला। पुलिस ने वीडियो और शिकायत का संज्ञान लेते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
मामला भले ही अक्टूबर का हो, लेकिन परिजनों को इसकी जानकारी तब मिली जब सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा एक वीडियो प्रसारित हुआ। परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दी, जिस पर सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की गई।
शिकायत के मुताबिक, छात्र जब स्कूल से घर लौट रहा था, तभी तीन छात्रों ने उसे रास्ते में रोक लिया। इसके बाद उसे पास ही एक स्टॉल तक ले जाया गया। वहीं उसके साथ मारपीट, धमकी और अपमानजनक हरकतों का दौर चलता रहा। पीड़ित एक बार मौके से निकलने में सफल भी हुआ, लेकिन उसे फिर पकड़ लाया गया। इस दौरान उसे जबरन शर्मिंदगी भरी हरकतें करने के लिए मजबूर करने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, वीडियो में कुछ हिस्से ऐसे हैं जिससे यह प्रतीत होता है कि छात्र को डराने, शर्मिंदा करने और अपनी बात मनवाने के लिए दबाव डाला गया। वीडियो रिकॉर्ड करने की बात सामने आने के बाद मामले को गंभीर श्रेणी में रखा गया है।
जैसे ही यह वीडियो कुछ लोगों तक पहुंचा, मामला तेजी से चर्चा में आ गया। परिजनों ने इसे मानसिक प्रताड़ना का मामला बताते हुए तुरंत पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। पुलिस ने वीडियो सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच भी करवाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग छात्र से जुड़े मामलों में पॉक्सो कानून के तहत कठोर कार्रवाई अनिवार्य है, इसलिए धाराएं उसी अनुसार लगाई गई हैं।
पीड़ित छात्र के रिश्तेदारों का कहना है कि उन्होंने घटना के बारे में स्कूल प्रबंधन को पहले ही अवगत करवाने की कोशिश की थी। लेकिन उन्हें न तो प्रिंसिपल से मिलने दिया गया और न ही इस मामले पर कोई ठोस कार्रवाई की गई। परिवार का आरोप है कि स्कूल ने शुरू से ही मामले को हल्के में लिया, जबकि वीडियो और घटनाक्रम को देखते हुए यह अत्यधिक गंभीर मामला है।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या स्कूल प्रबंधन ने लापरवाही बरती या शिकायत को दबाने का प्रयास किया।
घटना के बाद छात्र मानसिक रूप से काफी परेशान बताया जा रहा है। वह स्कूल जाने से भी डर रहा है। परिवार की मांग है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच हो और आरोपी छात्रों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले के प्रत्येक पहलू की गहराई से जांच होगी और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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