राजस्थान: जिंदा बेटी को मृत घोषित किया, शोक पत्रिका छपवाकर किए श्राद्ध कर्म; सामने आई ये वजह
अत्यंत दुख के साथ सूचित किया जाता है कि भैरूलाल जी जोशी की सुपुत्री श्रीमती पूजा बाई का हमारे परिवार के लिए स्वर्गवास हो गया है। जानिए एक पिता ने किस कारण से अपनी बेटी को जिंदा रहते हुए मृत घोषित कर दिया है।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक पिता द्वारा जिंदा बेटी को मृत घोषित करने का बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पिता ने बेटी के मर जाने की खबर की घोषणा करते हुए शोक पत्रिका छपवाई और श्राद्ध कर्म किए। अत्यंत दुख के साथ सूचित किया जाता है कि भैरूलाल जी जोशी की सुपुत्री श्रीमती पूजा बाई का हमारे परिवार के लिए स्वर्गवास हो गया है। जानिए एक पिता ने किस कारण से अपनी बेटी को जिंदा रहते हुए मृत घोषित कर दिया है।
परिवार ने जिंदा बेटी के मृत घोषित किए जाने की वजह शोक पत्रिका में छपवाई है। इसके पीछे की वजह बेटी द्वारा परिवार के खिलाफ जाना सामने आया है। बेटी द्वारा भरे समाज के सामने पिता के खिलाफ बयान दिया गया तो पिता सहित पूरा परिवार आहत हुआ और उसने अपनी ही बेटी को मृत घोषित कर दिया।
शोक पत्रिका के मुताबिक भैरूलाल जोशी की बेटी पुजा बाई का विवाह संजय तिवाड़ी सुपुत्र भंवर तिवाड़ी के साथ 25 अप्रैल 2025 को हुआ था। लेकिन 29 जुलाई 2025 को बेटी किसी और के साथ भाग गई। सामने आया है कि पुजा बाई का प्रेम संबंध संजय के किसी रिश्तेदार के साथ हो गया था। दोनों ने घर से भागने का फैसला लिया और लव मैरिज कर ली।

मामला पुलिस तक पहुंचा तो पुजा को थाने बुलाया गया, जहां उसने अपने पिता के खिलाफ बयान दिया। इससे आहत पिता ने कहा कि मेरी बेटी आज से मेरे लिए मर गई है। इसके बाद पिता ने अपनी जिंदा बेटी की मृत पत्रिका छपवाई और उसका श्राद्ध कर्म कर दिया।
शोक पत्रिका छपवाने वाले पिता भैरू लाल जोशी ने कहा कि मेरी बेटी जब थाने में बयान देने आयी तो उसने हमारे खिलाफ बयान दर्ज करवाये। जिसके कारण हमने उसे मृत समझ लिया और यह शोक पत्रिका छपवा दी।
इमेज- AI जेनरेटेड




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