बढ़ सकती हैं IIT बाबा की मुश्किलें, सुसाइड की धमकी मामले में क्या बोली जयपुर पुलिस?
'आईआईटी बाबा' अभय सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जयपुर पुलिस ने उन्हें गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि जांच में जरूरत पड़ी तो बाबा को फिर से तलब किया जा सकता है।

महाकुंभ के दौरान चर्चा में आए 'आईआईटी बाबा' अभय सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जयपुर पुलिस ने उन्हें सोमवार को शिप्रापथ क्षेत्र के एक होटल से गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। हालांकि बाद में आईआईटी बाबा को जमानत दे दी गई। वहीं आईआईटी बाबा का कहना है कि मेरे बारे में कुछ गलत खबरें चलाई जा रही हैं। मैंने आत्महत्या की धमकी नहीं दी है। मैं जेल में नहीं हूं। मुझे पुलिस ने तुरंत छोड़ दिया।
गांजा पीकर कह दी होगी सुसाइड वाली बात
शिप्रापथ एसएचओ राजेंद्र कुमार गोधा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें 'आईआईटी बाबा' अभय सिंह आत्महत्या की धमकी देते नजर आ रहे हैं। पुलिस को पता चला कि 'आईआईटी बाबा' अभय सिंह होटल पार्क क्लासिक ऋद्धि सिद्धि चौराहे पर रुके हुए हैं। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और 'आईआईटी बाबा' अभय सिंह से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उनका कहना था कि वह गांजा पीते हैं, गांजा पीकर सुसाइड के बारे में कह दिया होगा।
गांजा बरामद, केस दर्ज
शिप्रापथ एसएचओ राजेंद्र कुमार गोधा ने आगे बताया कि 'आईआईटी बाबा' ने एक पुड़िया भी निकाली और कहा कि मेरे पास गांजा की एक पुड़िया भी है। पुलिस ने उनके पास से थोड़ी मात्रा में गांजा भी बरामद किया। चूंकि गांजा रखना एक अपराध है, इसलिए इन पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। चूंकि यह जमानती अपराध है इसलिए इनको जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस भी कर सकती है तलब, कोर्ट का भी चक्कर
यह पूछे जाने पर कि क्या इनको दोबारा तलब किया जा सकता है। शिप्रापथ एसएचओ राजेंद्र कुमार गोधा ने कहा कि बिल्कुल यदि जांच में जरूरत पड़ी तो इनको बुलाया भी जा सकता है। कोर्ट में चालान पेश होगा तो इन्हें हाजिर भी होना पड़ेगा। वहीं आईआईटी बाबा का कहना है कि उनके बारे में गलत खबरें चल रही हैं। उन्होंने सुसाइड की धमकी नहीं दी थी। उनके बयान को गलत तरीके से समझ लिया गया। मेरे कहने का आशय था कि मैं महादेव की शरण में हूं। बाकी लोगों से क्या ही लेना...




साइन इन