विरोध के बाद पंजाब सरकार ने लिया यू-टर्न, FIR डाउनलोड पर 80 रुपये का शुल्क रद्द
पंजाब सरकार ने विवादास्पद फैसले को वापस लेते हुए पंजाब पुलिस के सांझ पोर्टल से एफआईआर की प्रतियां डाउनलोड करने पर लगाए गए 80 रुपये के शुल्क को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है।

पंजाब सरकार ने विवादास्पद फैसले को वापस लेते हुए पंजाब पुलिस के सांझ पोर्टल से एफआईआर की प्रतियां डाउनलोड करने पर लगाए गए 80 रुपये के शुल्क को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह फैसला वकीलों और आम जनता के तीखे विरोध तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के बाद लिया गया है। सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया कि अब 'सांझ' पोर्टल से एफआईआर डाउनलोड करने या 'सांझ केंद्रों' से इसकी प्रतियां प्राप्त करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
दरअसल, 24 मार्च को लागू किए गए इस शुल्क को लेकर काफी विवाद खड़ा हुआ था। विपक्षी दलों और कानून व्यवसायियों ने इसकी तीखी आलोचना की थी। आलोचकों का कहना था कि यह शुल्क न्याय तक आम नागरिकों की पहुंच को सीमित कर देगा, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए। इतना ही नहीं इस मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पंजाब पुलिस द्वारा 'सांझ' पोर्टल के माध्यम से एफआईआर डाउनलोड करने पर शुल्क लेना आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका तर्क है कि कानून के अनुसार एफआईआर की प्रति शिकायतकर्ता या पीड़ित को निःशुल्क मिलनी चाहिए, जबकि इसे सार्वजनिक दस्तावेज माना जाता है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि उच्चतम न्यायालय पहले ही एफआईआर को ऑनलाइन उपलब्ध कराने और मुफ्त में देखने/डाउनलोड करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कह चुका है। ऐसे में शुल्क वसूली नियमों के विपरीत है।
अधिवक्ताओं ने अदालत से मांग की है कि इस शुल्क से संबंधित अधिसूचना को रद्द किया जाए और पंजाब पुलिस को निर्देश दिए जाएं कि पोर्टल पर एफआईआर व डीडीआर का मुफ्त डिजिटल एक्सेस बहाल किया जाए। साथ ही, वसूली गई राशि को ब्याज सहित लौटाने की भी मांग की गई थी।
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