भगवंत मान ने पेश किया पंजाब सरकार का विश्वासमत, बोले- आजकल अफवाहें बहुत चल रहीं
सीएम भगवंत मान विश्वासमत का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह स्थिर, एकजुट और जनहित के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। इन अटकलों का मकसद सिर्फ जनता और विधायकों के बीच भ्रम पैदा करना है।

पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वासमत पेश किया। उन्होंने कहा कि आजकल अफवाहों का बाजार गर्म रहता है। निगेटिव खबरें तेजी से फैलती हैं। चर्चा चल रही आम आदमी पार्टी के विधायक चले जााएंगे। यह लोगों में भ्रम पैदा करती हैं। हमारे विधायकों को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इसलिए मंत्रिमंडल में विश्वास का प्रस्ताव ला रहे हैं ताकि लोकतांत्रिक तरीके से बहुमत साबित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह स्थिर, एकजुट और जनहित के एजेंडे पर काम कर रही है, जबकि विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। इन अटकलों का मकसद सिर्फ जनता और विधायकों के बीच भ्रम पैदा करना है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है और सभी विधायक एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। चीमा ने कहा कि जब विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा, तब सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। आप के 89 विधायक मौजूद थे, हरमीत सिंह पठानमाजरा और लालजीत सिंह भुल्लर ये 2 विधायक जेल में हैं।
कांग्रेस की डोप टेस्ट कराने की मांग स्पीकर ने ठुकराई
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सीएम और आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों की एल्कोहल मीटर से डोप टेस्ट करने की मांग की, जिस पर सदन में काफी हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा ने भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री शराब पीकर सदन में बैठे थे। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हैं, तो यह विधानसभा के नियमों और विशेषाधिकारों का उल्लंघन है। उम्मीद थी कि स्पीकर इस मामले पर संज्ञान लेंगे और डोप टेस्ट का आदेश देंगे।
हालांकि स्पीकर ने कांग्रेस की यह मांग ठुकरा दी। स्पीकर ने कहा कि किसी भी सदस्य के खिलाफ ऐसी कोई बात स्वीकार नहीं की जाए। जो सदस्य ऐसा करेगा, उसे नेम करना पड़ेगा। कांग्रेस विधायकों ने इस बीच नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। पंजाब आप के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र का उद्देश्य मजदूरों की कड़ी मेहनत और योगदान का सम्मान करना, उनके प्रयासों को मान्यता देना और उनकी मेहनत को आदर देना है, लेकिन कांग्रेस लगातार बेबुनियाद और हल्की टिप्पणियां कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। यह मजदूरों के जख्मों पर नमक छिड़कने और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा है।
पंजाब भाजपा ने चलाया समानांतर सत्र
भाजपा के विधायकों ने सत्र का पूरी तरह से बहिष्कार किया। भाजपा शुक्रवार को पंजाब विधानसभा के सामांतर अपना अलग सत्र जनता दी विधानसभा चला रही है। सत्र चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-37 में आयोजित किया गया। इसमें पंजाब के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही है। सत्र में प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ मौजूद रहे। पंजाब भाजपा के प्रमुख सुनील जाखड़ ने कहा कि सत्तापक्ष के नेताओं का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री फ्लोर टेस्ट करवाएं या न करवाएं, अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करवाएं या न करवाएं, लेकिन पंजाब विधानसभा के नेताओं का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट जरूर होना चाहिए।
न्यूनतम मजदूरी में 15 फीसदी की बढ़ोतरी
इस दौरान सीएम भगवंत मान ने पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में 15 फीसदी की बढ़ोतरी का एलान किया। इसमें सरकारी और गैर सरकारी दोनों शामिल हैं। मान ने कहा कि यह मजदूर दिवस पर उनके लिए तोहफा है। 2013 से दो सरकारें चली गई है, लेकिन मजदूरी में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। वहीं, बेअदबी के खिलाफ बिल लागू होने के बाद सीएम भगवंत मान की तरफ से शुकराना यात्रा शुरू की जाएगी। छह से लेकर 9 मई तक यह यात्रा चलेगी। सीएम पहले श्री आनंदपुर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब और फिर दमदमा साहिब और फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगे।
रिपोर्ट: मोनी देवी
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