1/8'दुनिया में कितना गम है, मेरा ग़म कितना कम है।' यह गीत तो आपने जरूर सुना होगा। अपने आसपास देखें तो लगता है कि लोग कितना दुखी हैं। लेकिन कई ऐसे देश हैं जो कि परेशानियों के मामले में दुनिया में टॉप पर हैं। 'वर्ल्ड हैपियस्ट रिपोर्ट-2026' के मुताबिक दुखी देशों में अफगानिस्तान सबसे टॉप पर है।

यह रैंकिंग घरेलू उत्पादन, सोशल सपोर्ट और व्यक्तिगत स्वतंत्रता व सुविधाओं को देखते हुए तय की गई है। 146 देशों की इस सूची में अफगानिस्तान सबसे ऊपर है। यह रिपोर्ट हर साल संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से प्रकाशित की जाती है।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अफगानिस्तान में शिक्षा और रोजगार बड़ी चुनौती हैं। इसके अलावा महिलाओं को स्वतंत्रता नहीं मिली है। तालिबान शासन में लोग मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी दोनों का सामना कर रहे हैं। देश की ज्यादातर आबादी अभावों में गुजारा कर रही है।

दूसरे नंबर और तीसरे नंबर पर सिएरा लियोन और मालावी है। ये दोनों ही अफ्रीकी देश हैं। यहां इतनी गरीबी है कि लोगों को दो जून की रोटी मिलनी भी मुश्किल हो जाती है। इसके अलावा इन देशों में राजनीतिक अस्थिरता चरम पर है। ऐसे में लोगों के जनजीवन पर इसका काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

मलावी में गरीबी इतनी ज्यादा है कि शिक्षा और रोजगार की बहुत सारे लोग अपेक्षा ही नहीं करते हैं। राजनीतिक अस्थिरता की वजह से अपराध भी बहुत ज्यादा है।

इस लिस्ट में चौथा नाम जिम्बॉब्वे का है। राजनीतिक अस्थिरता, महंगाई और गरीबी की वजह से इस देश को दुखी देशों में शामिल किया गया है

इस कड़ी में पांचवां ने बोत्सवाना का है। बोत्सवाना में बी शिक्षा और राजगार की दशा बहुत खराब है।

यमन दुखी देशों में छठे नंबर पर है। यहां एक भाग पर हूती विद्रोहियों का कब्जा है। इसके अलावा राजनीतिक अस्थिरता की वजह से यहां भी जनता पिसती रहती है। यमन के बाद हिजबुल्लाह जैसे संगठनों का अड्डा बन चुके लेबनान का भी लिस्ट में अगला नाम है। इसके बाद डीआरसी, एजिप्ट, तंजानिया, एस्वातिनी, कोमोरोस और एथियोपिया का नंबर आता है।
